धनघटा। विकासखंड हैसर बाजार की विभिन्न ग्राम पंचायतों में जलनिकासी के लिए सोख्ता का निर्माण कराया जा रहा है। लेकिन, निर्माण कार्य में मानक की अनदेखी के कारण समस्या जस की तस रहने की लोग आशंका जता रहे हैं।
जानकारों का कहना है कि जलनिकासी की समस्या के समाधान के लिए सोख्ता का निर्माण राज्य वित्त या 14वें वित्त से किया जाता है। एक मीटर गहराई और चौड़ाई वाले सोख्ता में एक मकान का पानी समा सकता है। अगर कई घरों का पानी निकालना है तो उस हिसाब से गड्ढे की गहराई और चौड़ाई बढ़ाई जाती है। रोहित कुमार, बालेंद्र, राम पूजन, केदारनाथ, शिवकुमार, रामभरोस आदि का कहना है कि सोख्ता की गहराई आधा मीटर है और चौड़ाई भी इतनी ही है। मानक की अनदेखी करके कराया जा रहा सोख्ता निर्माण सरकारी धन की बंदर बांट करना है।
अगर चार घरों का पानी बहाना है तो उसकी भी लंबाई चौड़ाई आधा ही मीटर रह जा रही है। गांव वालों ने सोख्ता निर्माण कार्य मानक के अनुरूप कराने की मांग की है। इस संबंध में एडीओ पंचायत दलसिंगार यादव का कहना है कि एक मीटर गहरे और एक मीटर चौड़े सोख्ते के निर्माण पर 14000 रुपये व्यय किए जाते हैं। सोख्ता की लंबाई चौड़ाई अधिक है और कई घरों की जलनिकासी होनी है तो रकम बढ़ा दी जाती है। मानक की अनदेखी करके कार्य कराने वालों का भुगतान नहीं किया जाएगा।