विभव नगर में दो सड़कों के निर्माण के बाद ठेकेदार को करीब 1.12 करोड़ रुपये का भुगतान होना है। बोर्ड की बैठक में भुगतान के इस प्रस्ताव पर मोहर तो लगा ली गई है, लेकिन कुछ सभासदों ने इसे लेकर अब डीएम से शिकायत की है। बृहस्पतिवार को सभासद डीएम से मिले और प्रकरण में जांच की मांग की।
सफाई कार्य के प्रस्ताव न होने पर बुधवार को हुई बोर्ड की बैठक का तीन सभासदों ने बहिष्कार कर दिया। वार्ड 35 के सभासद मनीष पीपा, वार्ड 34 के सुनील अग्निहोत्री व वार्ड 27 के नवीन सबलोक वाक आउट कर गए थे। बृहस्पतिवार को ये तीनों अन्य सभासदों के साथ डीएम कार्यालय पहुंचे और प्रस्ताव संख्या 12 व 32 के संबंध में शिकायत की।
उन्होंने कहा कि प्रस्ताव संख्या 12 में विभव नगर की दो सड़कों के लिए 1.12 करोड़ रुपये का भुगतान होना है, जबकि इन सड़कों का प्रस्ताव बोर्ड की बैठक में पास नहीं कराया गया था। मनीष अग्रवाल ने कहा कि 13 अगस्त 2024 को नौ सड़कों की निविदा कराई गईं थीं, जिनमें विभव नगर की दो सड़कों का प्रस्ताव बोर्ड में नहीं था।
मनीष ने आरोप लगाया कि प्राइवेट कॉलोनाइजर को लाभ पहुंचाने के लिए मनमाने ढंग से टेंडर कराए गए थे। प्रस्ताव संख्या 32 में 10 साल पुराने काम के भुगतान का विरोध किया गया। डीएम अतुल वत्स ने जांच का आश्वासन दिया है। इनके साथ दिनेश कुमार, धर्मेंद्र कुमार, सुंदरम शर्मा व अन्य सभासद भी रहे।
ईओ रोहित सिंह का कहना है कि 20 जुलाई 2024 को हुई बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव संख्या 52 का विरोध हुआ था। सभासदों ने अपने प्रस्ताव शामिल किए जाने पर ही सभी प्रस्ताव पास करने की बात कही थी। इस पर सभासदों से प्रस्ताव लिए गए थे, जिसमें वार्ड संख्या एक के सभासद दिनेश सिंह ने दोनों सड़कों के प्रस्ताव लिखित रूप से दिए थे, उसी के आधार पर टेंडर किए गए थे।