-निवर्तमान छात्र संघ ने कहा कि चुनाव को लेकर आचार संहिता है लागू
-अगस्त में लाइब्रेरी में बायोमेट्रिक मशीन लगाने के दौरान हुआ था हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। निवर्तमान जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय(जेएनयू) छात्र संघ ने सेंट्रल लाइब्रेरी में उपस्थिति दर्ज करने के लिए दोबारा से बायोमेट्रिक मशीन लगाने का कार्य फिर से शुरू करने का आरोप लगाया है। इधर, प्रशासन ने छात्र संघ के आरोप को खारिज कर दिया है।
छात्र संघ के अध्यक्ष नीतीश कुमार और उपाध्यक्ष मनीषा के अनुसार, जेएनयू छात्र संघ चुनाव के चलते आचार संहिता लगी हुई है उसके बावजूद लाइब्रेरी प्रशासन ने मशीन लगाने का कार्य शुरू कर दिया है। छात्र प्रतिनिधित्व अस्थायी रूप से निलंबित है। इस समय तकनीकी रूप से छात्र संघ में कोई कामकाज नहीं हो रहा है। पूर्व पदाधिकारियों ने अपनी जिम्मेदारियां चुनाव समिति को सौंप दी है। आचार संहिता के तहत जेएनयू चुनाव समिति प्रतिनिधिमंडल को भी प्रशासन से मिलने की अनुमति नहीं दे रहा है। जिससे किसी के लिए भी आधिकारिक रूप से हस्तक्षेप करना असंभव हो गया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन का यह कदम एक निर्वाचित संघ की अनुपस्थिति का फायदा उठाने और छात्र समुदाय पर निगरानी के उपाय थोपने का एक जानबूझकर किया गया प्रयास है।
जबकि अगस्त महीने में लाइब्रेरी मामले में विरोध प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने एक अधिसूचना जारी की थी। इसमें जब तक समिति सभी हितधारकों से परामर्श नहीं कर लेती और अपनी सिफारिशें प्रस्तुत नहीं कर देती तब तक यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश थे। अगस्त महीने में लाइब्रेरी पर प्रदर्शन के चलते छात्र संघ अध्यक्ष नीतीश कुमार, उपाध्यक्ष मनीषा और छात्र मणिकांत पर कुल 40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। मणिकांत को कई सेवाओं के लिए अनुचित रूप से निलंबित और एक सेमेस्टर की छात्रवृत्ति भी छीन ली गई है। वहीं सेंट्रल लाइब्रेरी की लाइब्रेरियन मनोरमा त्रिपाठी ने कहा कि यह सिर्फ अफवाह है। कोई काम शुरू नहीं किया गया है।