माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सूरजपुर स्थित जिला उपभोक्ता आयोग परिसर में कथित अवैध निर्माण को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। आयोग के अध्यक्ष ने जिलाधिकारी को भेजे गए पत्र में बार एसोशिएसन के पदाधिकारियों पर परिसर के भीतर बिना अनुमति चैंबर के निर्माण का आरोप लगाया है।
आयोग के अध्यक्ष द्वारा भेजे गए पत्र के अनुसार जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग का परिसर जिला दीवानी न्यायालय की चारदीवारी से सटा हुआ है। हाल ही में जिला न्यायालय की चारदीवारी में आयोग परिसर की ओर से एक नया गेट और रास्ता बना दिया गया। पत्र में कहा गया है कि इस रास्ते और गेट के निर्माण को लेकर आयोग से कोई औपचारिक चर्चा या अनुमति नहीं ली गई। हालांकि बाद में यह जानकारी आयोग को दी गई कि उक्त गेट और रास्ते का निर्माण उच्च न्यायालय की अनुमति के बाद कराया गया है। इसलिए आयोग ने इस बिंदु पर कोई टिप्पणी नहीं की।
विवाद तब बढ़ा जब आयोग भवन और जिला न्यायालय की चाहरदीवारी के बीच खाली पड़ी भूमि पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया। आयोग अध्यक्ष ने कहा है कि इस निर्माण के लिए जिला उपभोक्ता आयोग की ओर से कोई सहमति या अनुमति नहीं दी गई। आयोग को इस संबंध में वीरेंद्र सिंह नामक व्यक्ति की ओर से एक शिकायत भी प्राप्त हुई है। निर्माण जबरन कराया जा रहा है और विरोध के बावजूद निर्माण सामग्री आयोग परिसर के रास्ते से होकर लाई जा रही है। इससे आयोग के नियमित न्यायिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। अधिवक्ताओं के चेंबर निर्माण को लेकर आयोग के समक्ष कोई अधिकृत प्रस्ताव प्रस्तुत नहीं किया है। वहीं दूसरी ओर आयोग भवन और न्यायालय की चाहरदीवारी के बीच की भूमि को लेकर पूर्व में राज्य उपभोक्ता आयोग की ओर से एक प्रस्ताव भेजा गया था। यह प्रस्ताव वर्ष 2007 में आयोग की बेंच स्थापना से संबंधित बताया गया है और फिलहाल लंबित है। आयोग अध्यक्ष ने जिलाधिकारी से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।