आजमगढ़। कला एवं साहित्य की अखिल भारतीय संस्था संस्कार भारती काशी प्रांत के साधारण सभा की बैठक जिला इकाई के तत्वावधान में सिधारी स्थित एक होटल में हुई। मुख्य अतिथि स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि आज भारतीय समाज अपने शत्रु को भी नहीं पहचान पा रहा है। एक षड्यंत्र के तहत हिन्दू युवतियों को लव जेहाद में फंसाकर उनका धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है और हिन्दू गंगा-जमुनी तहजीब में फंसा हुआ है।
उन्होंने कहा कि आज धारावाहिक और फिल्मों के माध्यम से हमारे परिवार को तोड़ा जा रहा है, सभी एक दूसरे को संदेह की दृष्टि से देख रहे है। उन्होंने कहा कि भारत की अर्थ व्यवस्था मंदिर आधारित अर्थ व्यवस्था है। पुरातन काल में मंदिरों के द्वारा ही समाज का संचालन होता था, समाज मंदिरों से जुड़ा होता था।
शिक्षा व्यवस्था मंदिरों द्वारा संचालित होती थी। इसी बात को दृष्टिगत रखते हुए आज मंदिरों के कॉरिडोर आदि की स्थापना हो रही। उन्होंने आयोजन समिति के संत प्रसाद अग्रवाल, सिद्धार्थ राम सिंह, प्रभात बरनवाल, अरविन्द बरनवाल, आशीष गोयल बाबी, विजयेंद्र श्रीवास्तव, भारत विभूषण तिवारी, डा. पूनम तिवारी, बागीशा कश्यप, अनुभव मिश्र आदि के योगदान पर आभार जताया। संचालन कर रहे महामंत्री सुजीत कुमार श्रीवास्तव ने किया।