संवाद न्यूज एजेंसी
साढौरा। कस्बा की आबादी तथा आसपास के खेतों को नकटी नदी के पानी से बचाने के लिए दो साल पहले तीन करोड़ 28 लाख से बनाई गई पटरी के निर्माण में बहुत बड़ा घोटाला हुआ है। बसपा नेता बृजपाल छप्पर ने यह आरोप लगाते हुए इसकी विस्तृत जांच के लिए जल्द ही मुख्यमंत्री व राज्यपाल से मुलाकात करने की बात कही है।
बृजपाल छप्पर ने बताया कि नकटी नदी के उफनते पानी के कारण कस्बे की आबादी के अलावा आसपास के खेतों को बहुत नुकसान पहुंचता है। इस नुकसान को रोकने के लिए मांग की जाती रही है। आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार साढौरा नदी पार पंचायत ने आठ सितंबर 2023 को इस बारे में प्रस्ताव पारित करके सरकार को भेजा था।
इस प्रस्ताव पर कार्रवाई करते हुए सरकार ने यहां पटरी बनाने के लिए तीन करोड़ 28 लाख का बजट मंजूर किया। एक निजी फर्म को आवंटित इस काम को सिंचाई विभाग की निगरानी में किया जाना था। 16 मार्च 2024 को यह काम शुरु होने पर ही लोगों ने इस पटरी के निर्माण को गलत करार देते हुए इसका विरोध किया। लेकिन इस विरोध को दरकिनार करते हुए तीन माह में ही इस पटरी का निर्माण पूरा होना दिखाकर फर्म को भुगतान भी कर दिया गया।
वर्ष 2024 में हुई पहली ही बरसात में लोगों की आशंका सही साबित हुई और बरसात का पानी कस्बे की आबादी के अलावा खेतों की ओर रुख करते हुए नुकसान का कारण बन गया। इसके बाद मौके पर पहुंचे जिला के आला अधिकारियों ने भी पटरी के डिजाइन को गलत करार देते हुए मौके पर ही सिंचाई विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाई और गलत बनी पटड़ी तोड़ने के निर्देश दिए।
बृजपाल ने आरोप लगाया कि पटरी बनाने व तोड़ने के घोटाले में सरकार के तीन करोड़ 28 लाख को अधिकारियों व नेताओं की मिलीभगत से हड़पा गया है। इसकी विस्तृत जांच होनी चाहिए। समाजसेवी अमित सेतिया व श्री श्याम गोशाला के महंत शोभा दास ने बताया कि लोग नदी की खोदाई की मांग कर रहे थे।
मनमर्जी से पटरी का डिजाइन इस तरह से बनाया गया कि इससे अवैध अतिक्रमण तो सुरक्षित हो गया, लेकिन नदी का प्रवाह क्षेत्र संकरा हो गया। नतीजन कस्बावासियों को बाढ़ व खेतों के नुकसान का सामना करना पड़ गया। उन्होंने भी इस घोटाले की जांच की मांग की है। इस मौके पर महेश बैंस रत्तुवाला व मामचंद भी मौजूद रहे।