खतौली। मुहर्रम की दस तारीख को इमाम हुसैन और उनके कुनबे के 72 लोगों की शहादत पर मातमी जुलूस निकाला गया। जिसमें अलम, जुलजुनाह और ताजिया बरामद किया गया। शिया सोगवारों ने बरछियों से खूनी मातम किया।
शेखपुरा इमाम बारगाह से जुलूस का शुभारंभ किया गया। जानसठ तिराहे पर जुलूस को खिताब फरमाते हुए मौलाना सत्तार नकवी ने कहा कि इमाम हुसैन ने इंसानियत और इस्लाम को जिंदा रखने के लिए अपने कुनबे के 72 लोगों के साथ करबला में कुर्बानी दी।
आतंकी यजीद और उसकी फौज ने इमाम हुसैन और उनके कुनबे के लोगों को शहीद कर दिया। मगर इमाम हुसैन ने यजीद की बात नहीं मानी। मातमी जुलूस रेलवे रोड, जानसठ रोड, जीटी रोड, बिददीबाड़ा, घंटाघर, बड़ा बजार, ढाकन चौक, सैनी नगर, रेलवे स्टेशन होता हुआ करबला पहुंच कर संपन्न हुआ। करबला में ताजिया को दफनाया गया।
जुलूस में अंजुमन खुमैनी तथा अंजुमन कुलिंजन के सोगवार शामिल रहे। अब्बास जैदी, समद जैदी, इसरार जैदी, फूल मियां जैदी, नुसरत जैदी, मिनहाल जैदी, मोजिज जैदी, आजम जैदी, सुहैल जैदी, रजी हैदर जैदी, अरशद जैदी ने मातमपुर्सी की।
खतौली में मोहर्रम पर निकाले गए जुलूस में खूनी मातम करते शिया सोगवार। संवाद
खतौली में मोहर्रम पर निकाले गए जुलूस में खूनी मातम करते शिया सोगवार। संवाद