रविवार 30 दिसंबर को उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान द्वारा आयोजित अखिल भारतीय संस्कृत आर्य युव महोत्सव 21 कुण्डिय यज्ञ के साथ आरंभ हुआ। यज्ञ ब्रह्म डॉ. जयेंद्र कुमार ने उपस्थित आर्यजनों को यज्ञ की महत्ता बताई।
इसके बाद दीप प्रज्जवल किए जाने के साथ संस्कृत संस्कार सम्मेलन प्रारम्भ हुआ। सम्मेलन में विभिन्न विद्वानों ने उपदेश दिया। मुख्य अतिथि के रूप में अमेठी शिक्षण संस्थान की डॉ. अमिता चौहान चेयरपर्सन के बतौर पाधारीं और उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान द्वारा आयोजित महोत्सव के विशेषताएं बताई।
डॉ. अमिता चौहान और उत्तर प्रदेश संस्थान के अध्यक्ष डॉ. वाचस्पति मिश्रा संस्कृत और संस्कृत के क्षेत्र में किए कार्यों के लिए आर. एल. लवानिया, अशोक गुलाटी, अशोक आनंद, रविंद्र सेठ आदि महानुभावों को सम्मानित किया गया।
आर्य युव महोत्सव के अध्यक्ष डॉ. वाचस्पति मिश्रा ने समस्त विद्वानों, संन्यासियों, प्रताभागियों व संयोजक मंडलों का धन्यवाद किया और इस प्रकार के आयोजनों को भविष्य में कराने का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर संस्था के सचिव आर. एल. लवानिया, अशोक आनंद, कोषाध्यक्ष सतीश ग्रोवर, अधिष्ठानी सीमा आर्या, रविंद्र सेठ, प्राचार्य आदेश आर्य, देवेंद्र एवं समस्त सदस्य व नोएडावासियों ने उपस्थिति दर्ज की। शांति पाठ के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।