जेवर। एयरपोर्ट विस्तार के लिए जेवर के 6 गांवों की 1185 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण के लिए प्रशासन ने किसानों से सहमति लेने के प्रयास तेज कर दिए हैं। बुधवार को अधिकारियों ने कुरैब व दयानतपुर गांव का दौरा कर बातचीत की, लेकिन किसानों ने सर्किल रेट से चार गुना मुआवजे की घोषणा के बिना सहमति देने से साफ इनकार कर दिया। इससे टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा।
सामाजिक समाघात सर्वे की रिपोर्ट के बाद जेवर के करौली बांगर की 159 हेक्टेयर, दयानतपुर की 145, कुरैब की 326, रन्हेरा की 458, मुंढरह की 46 और बीरमपुर की 49 हेक्टेयर खेती की 1185 हेक्टेयर जमीन एयरपोर्ट के लिए ली जानी है। प्रशासन की टीम ने 7 से 10 जनवरी तक गांव-गांव टीमें भेजकर किसानों से सहमति लेने के लिए बैठकें की थीं। कुछ किसानों को छोड़कर ज्यादातर ने सहमति देने से मना कर दिया था। इस बीच विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद जिला प्रशासन ने किसानों से सहमति लेने के काम को वोटिंग तक के लिए टाल दिया था। अब मतदान के बाद जिला प्रशासन किसानों से सहमति लेने के लिए फिर से सक्रिय हो गया है।
बुधवार को जेवर के कुरैब व दयानतपुर गांव में अपर जिलाधिकारी बलराम सिंह व उप जिलाधिकारी रजनीकांत मिश्र ने टीम के साथ पहुंचकर किसानों से वार्ता बात कर जमीन के अधिग्रहण के लिए जरूरी 70 प्रतिशत सहमति देने की अपील की। इस पर किसानों ने साफ कहा कि जब तक शासन किसानों को सर्किल रेट से चार गुना मुआवजे देने की घोषणा नहीं करेगा सहमति नहीं दी जाएगी।