नोएडा (सुशील पांडेय)। सेक्टर-93ए स्थित ट्विन टावर के अंतिम ब्लास्ट के दिन आसपास के 5 किमी के दायरे में नो फ्लाइंग जोन होगा। हेलीकॉप्टर आदि के उड़ान को प्रतिबंधित किया जा सकता है। इसके लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया से बातचीत होने का दावा किया गया। यही नहीं आसपास की सड़कों के अलावा नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेसवे भी कुछ देर के लिए बंद किया जा सकता है। अंतिम ब्लास्ट से कुछ दिन पहले इन सभी की अधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी।
सूत्रों का कहना है कि अंतिम ब्लास्ट के दिन इतनी धूल उड़ेगी कि इससे सड़क परिवहन के अलावा हवाई यातायात भी प्रभावित हो सकता है। यही वजह है कि ट्विन टावर के आसपास के 5 किमी के दायरे को नो फ्लाइंग जोन घोषित करने की मांग की गई है। इससे संबंधित सभी एजेंसियों से बातचीत चल रही है। बिल्डर और एडिफिस इंजीनियरिंग की ओर से यह कवायद की जा रही है।
सूत्रों की मानें तो धूल की वजह से एक्सप्रेसवे को भी करीब आधे घंटे तक बंद करने की योजना है। अधिकारियों के मुताबिक एक्सप्रेसवे पर तेज गति में वाहन आते-जाते हैं। धूल की वजह से वाहनों के टकराने की आशंका रहेगी। ऐसे में कुछ देर के लिए एक्सप्रेसवे को बंद करना ही उचित होगा। हालांकि आधे घंटे तक एक्सप्रेसवे बंद होने पर काफी लंबा जाम लगने की संभावना है। ऐसे में वाहन चालकों के लिए काफी परेशानी भी होगी। उनके लिए डायवर्जन का भी विकल्प शायद उपलब्ध नहीं होगा।
धूल से बचाव के उपाय पर संशय
एडिफिस इंजीनियरिंग और जेट डिमोलिशन की ओर से अंतिम ब्लास्ट के दिन धूल से बचाव के उपाय किए जाने की योजना बनाई जा रही है। लेकिन सूत्रों का कहना है कि करीब 10 मीटर तक धूल उड़ेगी। यह हवा के डायरेक्शन पर निर्भर करेगा कि धूल का गुबार किधर जाएगा। धूल से बचाव के लिए प्राधिकरण की ओर से भी प्रयास किए जाएंगे। लेकिन इससे काफी नुकसान की संभावना बनेगी। आसपास की सोसाइटियों में धूल की चादर बिछेगी, जिसे साफ करना चुनौती भरा होगा।