नॉलेज पार्क स्थित इंडिया एक्सपो एंड सेंटर मार्ट में जीएनआईओटी कॉलेज के एमबीए के छात्रों के ओरिएंटेशन कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि रील यूथ नहीं, रियल यूथ बनना है।
नॉलेज पार्क स्थित इंडिया एक्सपो एंड सेंटर मार्ट में जीएनआईओटी कॉलेज के एमबीए के छात्रों के ओरिएंटेशन कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि रील यूथ नहीं, रियल यूथ बनना है। आज के दौर में नेटवर्क ही आपका नेटवर्थ बनेगा। छात्रों को केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुसार तैयार होना होगा। शिक्षण संस्थानों को भी छात्रों में रोजगार के साथ उद्यमिता और नए कौशल विकसित करने पर जोर देना चाहिए। भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि देश के युवाओं का माइंडसेट तेजी से बदल रहा है। अब बड़ी संख्या में युवा नौकरी करने के बजाय नौकरी देने वाला बनना चाहते हैं। 2014 से पहले देश में लगभग 350 स्टार्टअप थे, जबकि अब इनकी संख्या दो लाख से अधिक हो गई है। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है और देश में 131 यूनिकॉर्न हैं। सरकार युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए कई योजनाएं चला रही है। बिना गारंटी के ऋण उपलब्ध कराने से युवाओं को अपना कारोबार शुरू करने में मदद मिल रही है। कांग्रेस के जमाने में लोन पास नहीं होता था, अब 52 मिनट में लोन मिल रहा है। उत्तर प्रदेश का ओडीओपी मॉडल दुनिया में अपनी पहचान बना रहा है।
सपा व बसपा की सरकार में था गुंडा और माफिया राज
वहीं, सपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में गुंडाराज और माफियाराज सपा और बसपा की सरकारों में था। उन्होंने दावा किया कि योगी आदित्यनाथ की सरकार में यह सब खत्म हो चुका है। प्रदेश में महिलाएं और बच्चियां देर रात भी सुरक्षित होकर कहीं आ-जा सकती हैं। डबल इंजन की सरकार उत्तर प्रदेश को विकास और प्रगति की राह पर तेजी से आगे ले जा रही है। मोदी सरकार के कार्यकाल में आईआईटी, आईआईएम और मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ी है। युवाओं और छात्रों को आगे बढ़ने के अधिक अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवा ही देश की सबसे बड़ी ताकत हैं और आने वाला भारत इन्हीं के सामर्थ्य से बनेगा। वहीं विधायक एवं पूर्व आईपीएस अधिकारी आनंद मिश्रा ने कहा कि विद्यार्थी जीवन केवल डिग्री प्राप्त करने का समय नहीं, बल्कि चरित्र, दृष्टिकोण और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का सबसे महत्वपूर्ण चरण है।