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Noida News: एम्स की लोगों से अपील...सीपीआर सीखें, हर सेकंड बचाएं जान

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-शुक्रवार को सीपीआर के प्रति आयोजित किया गया जागरूकता कार्यक्रम
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अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। जीवन की दौड़ में हर सेकंड कीमती होता है। ऐसे में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के डॉक्टरों ने दिल के दौरे और स्ट्रोक के बढ़ते मामलों को देखते हुए लोगों से सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) सीखने की अपील की है। यह सरल तकनीक आपातकाल में किसी की जान बचा सकती है।
शुक्रवार को एम्स के आपातकालीन चिकित्सा विभाग ने सीपीआर के प्रति जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान आपातकालीन चिकित्सा में नई पहल और रोगी देखभाल व उपचार में नवीनतम शोध पर चर्चा हुई। एम्स का आपातकालीन विभाग रोजाना करीब 180 ट्रॉमा केस, तीन-चार दिल के दौरे और दो-तीन स्ट्रोक के मरीजों से भरा रहता है। राष्ट्रीय सीपीआर जागरूकता सप्ताह पर आपात चिकित्सा विभाग के प्रोफेसर डॉ. संजीव भोई ने कहा कि सीपीआर जानना आसान है और यह दिल की धड़कन रुकने पर मरीज को जिंदा रख सकता है। उन्होंने बताया कि अस्पताल पहुंचने से पहले यह मदद अनमोल साबित होती है।
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डॉ. भोई ने बताया कि स्ट्रोक दो तरह के होते हैं, एक मस्तिष्क में खून का थक्का जमने से और दूसरा रक्तस्राव से। चिंता की बात यह है कि अब 30 साल के युवाओं को भी दिल का दौरा पड़ रहा है। पहले यह बुजुर्गों की बीमारी मानी जाती थी, लेकिन अब जीवनशैली की वजह से युवा भी शिकार हो रहे हैं। कई मौतें सिर्फ देरी से मदद मिलने की वजह से होती हैं। जहर, संक्रमण या सांप काटने जैसे मामलों में भी सीपीआर काम आता है। डॉक्टर का कहना है कि एम्स इस सप्ताह 13 से 17 अक्तूबर तक ट्रेनिंग सेशन और डेमो आयोजित कर रहा है, जिसे कोई भी व्यक्ति सीख सकता है।
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