नूंह। हर वर्ष 1 दिसंबर को विश्व एड्स दिवस के रूप में मनाया जाता है। एचआईवी को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़े, इसलिए इस दिन को मनाया जाता है। जिला एड्स अधिकारी डॉ. प्रवीन राज तंवर ने जिला नागरिक अस्पताल मांडीखेड़ा में जागरूकता कार्यक्रम के दौरान विचार रखे।
उन्होंने बताया कि यूएन एड्स के अनुसार महामारी की शुरुआत के बाद से 79.3 मिलियन लोग एचआईवी से संक्रमित हो चुके हैं। नूंह जिले में एचआईवी एड्स के 343 मरीज इस बीमारी से ग्रस्त हैं। जिले में चार एड्स केंद्र हैं। जहां पर एड्स की जांच की जाती है व इससे बचाव के उपाय भी बताते हैं। बीमारी की पुष्टि होने पर मरीज को एआरटी सेंटर रोहतक रेफर कर दिया जाता है और वहां से उसका इलाज चलाया जाता है। समय-समय पर आईसीटीसी सेंटर पर कार्यरत काउंसलर मरीजों की काउंसलिंग करते हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ऐसे मरीजों को दवाइयां लाने में परेशानी न हो, इसके लिए बस पास व ऐसे मरीजों को आर्थिक मदद करने के लिए भी सरकार विशेष कदम उठा रही है। यह बीमारी साथ रहने, साथ खाना खाने से नहीं फैलती है। ऐसे मरीजों का सामाजिक बहिष्कार न करें, उन्हें भी आत्मसम्मान से जीने का हक है। एचआईवी से बचने के लिए सावधानी बरतनी जरूरी है। इस दौरान सीएमओ डॉ. सुरेंद्र यादव ने बताया कि एचआईवी को हराया जा सकता है। लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए हर वर्ष जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों तथा इसके साथ-साथ शिक्षण संस्थानों पर विश्व एडस दिवस मनाया जाता है। रेड रिबन क्लब इसमें सहयोग करता है।