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परिवार पर कोरोना का कहर: दो बेटों के बाद अब पिता की मौत, आर्थिक संकट भी गहराया

Sun, 23 May 2021 06:29 PM IST
Vikas Kumar माई सिटी रिपोर्टर, ग्रेटर नोएडा

सार

जलालपुर गांव निवासी अतर सिंह के तीन बेटों में से दो दीपक और पंकज कोरोना पॉजिटिव हो गए थे। उनका अस्पताल में इलाज चल रहा था। 9 मई को दीपक की मौत हो गई। परिवार के सदस्य दीपक का अंतिम संस्कार कर घर पहुंचे तो वहां दूसरे बेटे पंकज का शव मिला। उसकी भी अस्पताल में कोरोना से मौत हो गई थी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ग्रेनो वेस्ट के जलालपुर गांव के एक परिवार पर कोरोना कहर बनकर बरपा। दो बेटों के बाद अब पिता की भी कोरोना से मौत हो गई है। 14 दिन पहले मृतक के दोनों बेटों की मौत हो गई थी। तीन सदस्यों की मौत के बाद परिवार पूरी तरह से टूट गया है। घर में कोई कमाने वाला नहीं है। इस कारण परिवार के पांच सदस्यों के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। 

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जलालपुर गांव निवासी अतर सिंह के तीन बेटों में से दो दीपक और पंकज कोरोना पॉजिटिव हो गए थे। उनका अस्पताल में इलाज चल रहा था। 9 मई को दीपक की मौत हो गई। परिवार के सदस्य दीपक का अंतिम संस्कार कर घर पहुंचे तो वहां दूसरे बेटे पंकज का शव मिला। उसकी भी अस्पताल में कोरोना से मौत हो गई थी। एक दिन ही में दोनों बेटों की मौत होने से पिता अतर सिंह टूट गए। सदमे के कारण उनकी भी तबीयत बिगड़ती चली गई। ज्यादा हालत खराब होने पर उनको गांव के ही अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां उनकी कोविड रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई। इसके बाद उनको मिलक गांव के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। 16 मई को हालत बिगड़ने पर उनको सरकारी अस्पताल में भर्ती कराने का प्रयास किया गया। एंबुलेंस भी गांव पहुंच गई थी, लेकिन परिजनों ने भेजने से इनकार कर दिया। शुक्रवार को अतर सिंह को खैरपुर गुर्जर के पास एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। देर रात करीब एक बजे गंभीर हालत में उनको नोएडा के मेट्रो अस्पताल ले जाया गया। जहां शनिवार को मौत हो गई। 

तीन साल पहले हो चुकी है पत्नी की मौत
ग्रामीणों ने बताया कि अतर सिंह की पत्नी की करीब तीन साल पहले बीमारी से मौत हो चुकी है। अतर सिंह ही बच्चों का पालन-पोषण कर रहे थे। कोरोना ने परिवार को तबाह कर दिया। एक साथ तीन सदस्यों की मौत से परिवार टूट चुका है। सबसे बड़े बेटे दीपक का डीजे का काम था। उसने शादी नहीं की थी। उससे छोटे बेटे पंकज की शादी हो चुकी थी। उसकी पत्नी के एक बेटा और बेटी है। वहीं, सबसे छोटे बेटे भारत की भी शादी हो चुकी है। वह अधिवक्ता है। अभी तक घर का खर्च बेटों की कमाई और अतर सिंह की पेंशन से चल रहा था। अतर सिंह दिल्ली के एक सरकारी विभाग से सेवानिवृत्त थे।  
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परिवार को आर्थिक मदद देने की मांग
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में निगरानी समिति नहीं बनी है। एक बार टेस्टिंग कैंप लगाया गया। इसके बाद कोई सुविधा नहीं दी गई। सैनिटाइज भी नहीं किया गया है। समाजसेवी अनिल नागर ने सरकार से परिवार को आर्थिक मदद देने की मांग की है। 

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