माई सिटी रिपोर्टर
-जेवर, रबूपुरा, दनकौर के गांवों के हजारों बीघा खेत बाढ़ की चपेट में आकर पानी में डूबे बाढ़ग्रस्त गांवों में जलस्तर घट रहा
माई सिटी रिपोर्टर
यमुना सिटी/रबूपुरा। क्षेत्र में धीरे-धीरे बाढ़ का पानी उतरने लगा है। किसानों को अपनी फसलों के बर्बाद होेने की चिंता सता रही है। अब तक जेवर, रबूपुरा, दनकौर के 1000 से अधिक किसानों की भूमि पर बोई फसल खराब होने की आशंका जताई जा रही है।
शनिवार से ओखला बैराज और दिल्ली के ओल्ड पुल पर यमुना नदी का स्तर खतरे के निशान से कम होना शुरू हुआ। सके चलते क्षेत्र में बाढ़ का पानी उतर रहा है। हालांकि खेतों में अभी भी पांच से छह फुट तक पानी भरा है। कई दिनों तक खेतों में पानी भरा रहने से किसान सब्जियों, ज्वार, बाजरा, पशुओं के चारे के साथ-साथ धान भी खराब होने की आशंका जता रहे हैं। जेवर के झुप्पा, कानीगढ़ी, पूरन नगर, शमशम नगर, गोविंदगढ़, करौल, रबूपुरा क्षेत्र के चंडीगढ़, मेहंदीपुर, फलैदा, दनकौर के लतीफपुर आदि गांवों में बड़े रकबे में फसलों की बुवाई हुई थी।
डूब क्षेत्र समेत गांव के खेतों में भी डूबी फसलें
यमुना में बाढ़ के चलते नदी किनारे लगभग सभी गांवों के डूब क्षेत्र में बोई गईं फसलें बाढ़ की भेंट चढ़ गई हैं। इसके अलावा यमुना नदी के कटान होने से मेहंदीपुर, चंडीगढ़, लतीफपुर गांव में जहां पानी भर गया। वहीं, इनके खेत भी डूब गए।
जिला प्रशासन करेगा बाढ़ के पानी से बर्बाद फसलों की समीक्षा
अनुमान जताया जा रहा है कि बाढ़ का पानी लगभग दस से 15 दिनों में खेतों से हट सकता है। इसके बाद जिला प्रशासन क्षेत्र का दौरा कर बर्बाद फसलों की समीक्षा करेगा।