नॉर्मल बताकर, कर दिया ऑपरेशन
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर डेल्टा वन निवासी विकास गर्ग का आरोप है कि 14 नवंबर 2023 को उन्होंने नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र स्थित बैकसन हॉस्पिटल में पत्नी अंशुल वर्मा को डिलीवरी के लिए भर्ती किया था। उनका आरोप है कि शुरुआत में सामान्य डिलीवरी की बात कही गई, लेकिन बाद में डॉक्टरों ने ऑपरेशन करने का फैसला लिया। ऑपरेशन के बाद पत्नी को स्वस्थ बताकर नवजात बच्चे के साथ डिस्चार्ज कर दिया गया।
अस्पताल ने हर बार किया गुमराह
डिस्चार्ज किए जाने के कुछ दिनों बाद से ही पत्नी के पेट में लगातार तेज दर्द की समस्या आनी शुरू हो गई। उन्होंने कई बार बेकसन हॉस्पिटल जाकर डॉक्टरों से शिकायत की, लेकिन हर बार दर्द को मामूली बताकर टाल दिया गया। जब हॉस्पिटल की ओर से अनदेखा किया गया तो उन्होंने शहर के एक अन्य अस्पताल ले गए। जहां पर जांच के बाद डॉक्टरों ने महिला के पेट में सर्जरी कराने की सलाह दी। शुक्रवार को किए गए ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने जब महिला के पेट से आधा मीटर लंबा कपड़ा निकाला। तो हर कोई हैरान रह गया। डॉक्टरों का कहना है कि यह कपड़ा ऑपरेशन के दौरान शरीर में ही छूट गया था और अगर समय रहते यह सर्जरी नहीं होती, तो महिला की जान भी जा सकती थी।
बनाई गई जांच कमेटी
विकास गर्ग ने बताया कि सर्जरी के बाद जब डॉक्टरों ने उन्हें कपड़ा निकलने की जानकारी दी तो उन्होंने हॉस्पिटल और डॉक्टर के खिलाफ जिलाधिकारी और सीएमओ से मामले की शिकायत कर कार्रवाई किए जाने की मांग की है। वहीं, सीएमओ नरेंद्र ने बताया कि महिला के पेट में ऑपरेशन के दौरान कपड़ा छोड़े जाने की शिकायत आई है। मामला गंभीर है, शिकायत के आधार एक जांच कमेटी बनाई गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर अगर आरोप सही पाए गए, तो संबंधित हॉस्पिटल और डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डिलीवरी के बाद कभी नहीं आई महिला हमारे पास
बैक्सन अस्पताल के एमएस डॉ. विशाल सिंह का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है। जिस ऑपरेशन की बात की जा रही है, वो डेढ़ साल पहले हुआ था। महिला की यहां पर डिलीवरी हुई थी। डिलीवरी के बाद महिला कभी वापस अस्पताल नहीं आई और ना ही इस संबंध में शिकायत की। स्वास्थ्य विभाग की टीम को जांच में पूरा सहयोग किया जाएगा। जिन डॉक्टर ने ऑपरेशन किया था, वो अस्पताल की स्थायी डॉक्टर नहीं थी। पीड़ित महिला उनकी मरीज थी। उन्होंने बैक्सन में डिलीवरी की थी।