नारनौंद के गांव गुराना में माइनर को पाटती जेसीबी।
नारनौंद (हिसार)। गांव गुराना में सिंघवा राघो माइनर के पानी की निकासी के मुद्दे पर पांच गांवों के लोगों में हुए विवाद के बाद रविवार को माइनर का कटाव बंद कर दिया गया। इससे पहले शनिवार रात विधायक जस्सी पेटवाड़, सात गांवों के सरपंचों और पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी हुई बैठक में पांचों गांवों के प्रतिनिधियों में सहमति बन गई।
राजकीय कन्या महाविद्यालय डाटा में रात करीब 10.30 बजे शुरू बैठक में तय हुआ किगुराना से पानी की निकासी के लिए बीटी सेट लगाए जाएंगे। बरसाती पानी को सिंघवा राघो माइनर में डालकर बालसमंद ब्रांच नहर में डाला जाएगा। इस फैसले पर सभी पक्ष सहमत हो गए और करीब 12 बजे बैठक समाप्त हो गई। इसके बाद रविवार तड़के करीब चार बजे प्रशासन ने माइनर को मिट्टी डालकर बंद कर दिया। इससे खानपुर, सिंधड़, सिंघवा राघो और घिराय की तरफ बह रहा पानी तुरंत रुक गया। प्रभावित गांवों में लोगों ने राहत की सांस ली। प्रशासन ने पानी निकासी के लिए नौ बीटी सेट मंगवा लिए हैं। तकनीकी टीम यह जांच करेगी कि एक साथ कितने बीटी सेट चलाना संभव होगा। गौरतलब है कि गुराना माइनर से पानी निकासी पर खानपुर, सिंधड़, सिंघवा राघो और घिराय के ग्रामीणों का गुराना के लोगों के बीच हिंसक विवाद हो गया था। इसमें घिराय के सरपंच संदीप कुमार और सिंघवा राघो के पूर्व सरपंच बलजीत सिंह, 5 पुलिसकर्मियों सहित 25 लोग चोटिल हुए थे। बैठक में गुराना के सरपंच रामअवतार शर्मा, घिराय से सरपंच रामपाल और संदीप कुमार, सिंधड़ से सरपंच सुंदर, सिंघवा राघो से सरपंच प्रतिनिधि नरेश कुमार, डाटा से प्रतिनिधि सतपाल, ढाढ़ से सरपंच अनूप, पूर्व सरपंच बलजीत और महाबीर ने जलनिकासी कराने की मांग की।