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Noida News: हत्या के बाद कुणाल के गांव म्याना पहुंचे थे हत्यारे

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- आरोपियों के साथ था एक और शख्स, पुलिस को नहीं मिला सुराग
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- कुणाल के पिता ने अपनी और परिवार की सुरक्षा का डर


संवाद न्यूज एजेंसी

ग्रेटर नोएडा/रबूपुरा। ढाबा संचालक कृष्ण कुमार शर्मा के बेटे कुणाल शर्मा की हत्या के बाद सात मई को आरोपी हिमांशु चौधरी और कुणाल भाटी रबूपुरा स्थित म्याना गांव पहुंचे थे। दोनों के साथ तीसरा शख्स भी था। जिसकी तस्वीर सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है। पुलिस अभी तक तीसरे व्यक्ति तक नहीं पहुंच सकी है। वहीं बेटे की हत्या के बाद कृष्ण कुमार शर्मा को अपनी और परिवार की सुरक्षा का डर सता रहा है।
कृष्ण के मुताबिक कुणाल का शव मिलने के दो दिन बाद कुणाल भाटी और हिमांशु चौधरी उनके घर तक आए थे। ऐेसे में उन्हें परिवार की सुरक्षा का डर सताने लगा है। घर में कुणाल की तीन बहने, बड़ा भाई और दादी हैं। अभी पुलिस ने घरवालों की सुरक्षा के लिए दो पुलिसकर्मी तैनात कर रखे हैं। कृष्ण कहते हैं कि उन्हें तकलीफ इस बात की है कि कोई पुलिस अधिकारी उनके घर नहीं आया और हत्याकांड का खुलासा करने की भी उनको कोई सूचना नहीं दी गई।
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वह हैं कि कुणाल की हत्या के बाद अब उनकी जिंदगी का मकसद आरोपियों को फांसी तक पहुंचाना है। वह सुरक्षा में लगे पुलिस कर्मियों की भूमिका से भी संतुष्ट नहीं हैं। आरोप है कि जब वह फोन पर अपनी तकलीफ किसी को बता रहे होते हैं तो पुलिसकर्मी उन्हें रोक देते हैं।





पहले दिन ही मनोज पर किया था शक जाहिर


कृष्ण के मुताबिक 1 मई को उन्होंने मुख्य आरोपी मनोज का नाम पुलिस को बताया था। तीन मई को मनोज को हिरासत में लिया। अगर समय से पुलिस ने राज उगलवा लिया होता तो कुणाल आज जिंदा होता लेकिन पुलिस मनोज को साथ लेकर ही कुणाल की तलाश करती रही और वह पुलिस को गुमराह करता रहा।
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पुलिस को देखकर कांप उठता है सचिन


कुणाल के अपहरण के बाद पुलिस ने कृष्ण के भतीजे के बेटे सचिन को पूछताछ के लिए उठाया था। उसे पूछताछ में प्रताड़ित किया गया जिससे वह अस्पताल पहुंच गया। कृष्ण के मुताबिक सचिन को अस्पताल से घर ले आया गया है लेकिन वह मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं है। पुलिस कर्मी को देखकर ही वह कांप उठता है।
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