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लॉकडाउन के बाद फिर रेड जोन में पहुंची ग्रेटर नोएडा की आबोहवा

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लॉकडाउन के बाद बेहद खराब हुई ग्रेटर नोएडा वेस्ट की आबोहवा
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ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो और ग्रेनो वेस्ट की आबोहवा बिगड़ने लगी है। दोनों जगह का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 300 के पार पहुंच गया है। जो रेड जोन (खतरनाक स्तर) है। जबकि नोएडा में इनके मुकाबले थोड़ी राहत दिखी। वहीं, लोग भी लापरवाही बरत रहे हैं। जगह-जगह कूड़ा जलाया जा रहा है। प्राधिकरण भी सड़कों से धूल को साफ नहीं कर रहा है। प्राधिकरण और प्रशासन ग्रेप लागू होने का इंतजार कर रहे हैं। लॉकडाउन में यहां की आबोहवा बहुत अच्छी हो गई थी। एक्यूआई ग्रीन जोन में पहुंच गया था। जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक नहीं होता। लॉकडाउन के बाद वायु प्रदूषण फिर बढ़ने लगा है। कुछ ही दिन में एक्यूआई 150 के पार येलो जोन में पहुंच गया। सोमवार शाम ग्रेटर नोएडा और ग्रेनो वेस्ट का एक्यूआई 300 के पार पहुंच गया। जो मंगलवार को और बढ़ गया। नोएडा का एक्यूआई 286 ग्रेनो वेस्ट का 330 जबकि ग्रेटर नोएडा का 310 रहा। प्रदूषण विभाग के अफसरों का कहना है कि आने वाले दिनों में एक्यूआई का स्तर और बढ़ेगा। हवा में धूल के कण की मात्रा भी बढ़ेगी। यही हाल रहा तो एक्यूआई 500 के पार पहुंच जाएगा। वायु प्रदूषण को रोकने के लिए प्राधिकरण और प्रशासन स्तर पर कार्रवाई नहीं हो रही है। सिर्फ यूपीपीसीबी ही शिकायत मिलने पर कार्रवाई कर रहा है। सभी विभाग ग्रेडेड रेस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) लागू होने का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में एनजीटी के नियमों का उल्लंघन हो रहा है।
उड़ी रही है धूल, जल रहा है कूड़ा
वायु प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण पराली को माना जा रहा है, लेकिन सड़क और निर्माणाधीन साइट पर उड़ती धूल और जगह-जगह जलाए जा रहे कूड़े पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं हो रही है। ग्रेनो वेस्ट की सड़कों पर धूल जमा है। प्राधिकरण के ठेकेदार की सड़क साफ करने वाली मशीन भी धूल उड़ाती है। मंगलवार को सूरजपुर औद्योगिक सेक्टर समेत कई जगहों पर कूड़ा जलाया गया।
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ग्रेनो से ज्यादा प्रदूषित है ग्रेनो वेस्ट
हर बार की तरह इस बार भी ग्रेनो वेस्ट की आबोहवा ग्रेटर नोएडा से ज्यादा प्रदूषित है। ग्रेनो वेस्ट के निवासी नियमों के उल्लंघन की शिकायत कर रहे है। उसके बाद भी प्रदूषण से निजात नहीं मिल रही है। अफसरों का कहना है कि निर्माणाधीन साइट और हरियाली कम होने के कारण वहां प्रदूषण ज्यादा है।
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नोएडा की हवा बहुत खराब
नोएडा। लॉकडाउन के बाद नोएडा में मंगलवार का एक्यूआई 286 दर्ज किया गया। जो कि बहुत खराब श्रेणी में है। पिछले दस दिनों में हवा करीब डेढ़ गुना प्रदूषित हो गई है। वहीं, वायु प्रदूषण को नियंत्रित रखने के लिए प्राधिकरण और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने काम शुरू कर दिया है। 15 अक्तूबर से ग्रेप लागू होने के बाद सख्ती की जाएगी। अक्तूबर के अंतिम सप्ताह में वायु की गुणवत्ता और खराब हो सकती है। ब्यूरो
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