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पुलिसकर्मियों को कोर्ट परिसर से बाहर कर अधिवक्ताओं ने जड़ा ताला

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पुलिसकर्मियों को कोर्ट परिसर से बाहर कर अधिवक्ताओं ने जड़ा ताला
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ग्रेटर नोएडा। पुलिसकर्मियों पर अधिवक्ता से अभद्रता का आरोप लगाकर जिला न्यायालय के अधिवक्ताओं ने बृहस्पतिवार को लामबंद होकर हड़ताल की। अधिवक्ताओं ने विरोध प्रदर्शन कर कोर्ट परिसर से पुलिसकर्मियों को बाहर कर ताला जड़ दिया। कोर्ट परिसर के बाहर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई। नोएडा के एडिशनल डीसीपी रणविजय सिंह ने अधिवक्ताओं से वार्ता की। अधिवक्ताओं ने दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और पुलिस आयुक्त से वार्ता की मांग की। एडिशनल डीसीपी रणविजय सिंह का कहना है कि उनकी अधिवक्ताओं से वार्ता हुई है। जो भी उनकी जायज मांग है। उन्हें मानने का आश्वासन दिया गया है।
वकीलों के मुताबिक, आजमगढ़ी गांव निवासी अधिवक्ता अनिल भाटी के साथ बुधवार को पुलिसकर्मियों ने अभद्रता की थी। आरोप है कि एक पुलिस अधिकारी के दफ्तर में मुवक्किलों के जमानत के सिलसिले में जाने के दौरान उनसे अभद्रता की गई। अनिल भाटी बिना पुलिस अधिकारी की मौजूदगी में मुवक्किलों को जेल भेजने की जानकारी मिलने का विरोध कर रहे थे। विरोध के चलते उस दौरान उन्हें जेल नहीं भेजा गया लेकिन बाद में अधिकारी के पहुंचने के बाद जेल भेज दिया गया। इसके बाद अधिवक्ता ने अभद्रता का आरोप लगाया। इस मौके पर अधिवक्ता रामशरण नागर, सुशील भाटी, चरण सिंह भाटी, संजीव वर्मा, अजीत सिंह, सूर्य प्रताप, विपिन भाटी, राजकुमार नागर, मनोज भाटी, सुनील राव, गौरव भाटी, नीरज भाटी, दिनेश भाटी सहित कई अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।
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बर्दाश्त नहीं रवैया
बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष प्रमेंद्र भाटी ने बताया कि दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं, इस तरह की घटना भविष्य में न हो यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए। जब तक मांगी पूरी नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, अधिवक्ता श्याम सिंह भाटी ने बताया कि पुलिस का रवैया बर्दाश्त करने योग्य नहीं है। आम आदमी पार्टी के विधिक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष आदित्य भाटी ने कहा कि पुलिस अधिकारियों ने मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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