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Noida News: शोक सभा को लेकर सेंट्रल बार एसोसिएशन के अधिवक्ता दो गुटों में बंटे

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अधिवक्ता की पत्नी के निधन पर बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों की ओर से शोकसभा आयोजित न करने पर विरो
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मऊ। सिविल कोर्ट सेंट्रल बार एसोसिएशन के वरिष्ठ अधिवक्ता इंद्रासन यादव की पत्नी का मंगलवार को बीमारी के चलते असामयिक निधन हो गया था। बार एसोसिएशन की परंपरा रही है कि अधिवक्ता की पत्नी के निधन पर शोक सभा आयोजित कर शोक में अधिवक्ता पूरे दिन न्यायिक कार्य से विरत रहते हैं।
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परंपरा के चलते बुधवार को पूर्वाह्न 11 बजे अधिवक्ता शोक सभा आयोजित करने के लिए बार एसोसिएशन के पुस्तकालय भवन में जुटे। लेकिन बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने शोक सभा का आयोजन नहीं किया। इससे वहां मौजूद अधिवक्ता आक्रोशित हो गए और बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों को दरकिनार कर शोकसभा आयोजित कर दो मिनट का मौन रखा और पूरे दिन न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया।
शोक सभा के बाद सैकड़ों की संख्या में अधिवक्ता पुस्तकालय भवन से दीवानी कचहरी में पहुंचे और प्रभारी जिला जज हरेंद्र प्रसाद से अपनी व्यथा बताते हुए न्यायिक कार्य मे सहयोग करने में असमर्थता जताई। साथ ही अन्य न्यायालयों में घूम कर न्यायिक अधिकारियों से न्यायिक कार्य में करने में असमर्थता जताई। इस दौरान बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष विनोद कुमार पांडेय, शमसुल हसन, अमरनाथ सिंह, मानसिंह यादव, पूर्व महामंत्री सूर्यनाथ यादव, मानसिंह यादव, हरिद्वार राय, भरत राय, निर्मला यादव, अजय कुमार यादव ,लक्ष्मीकांत यादव, दिनेश यादव, सुभाष यादव सहित काफी संख्या में अधिवक्ता शामिल रहे। उधर, बार एसोसिएशन के पदाधिकारी ने कार्यकारिणी की बैठक कर अधिवक्ताओं के उक्त कृत्यों की निंदा की। वरिष्ठ अधिवक्ताओं अमरनाथ सिंह, शमसुल हसन, विनोद कुमार पांडेय, सूर्यनाथ यादव, मानसिंह यादव पर अधिवक्ताओं को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया। जिसे लेकर अधिवक्ताओं में काफी आक्रोश व्याप्त है। दीवानी कचहरी के अधिवक्ताओं ने बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों के इस कृत्य की निंदा करते हुए उन पर तानाशाही रवैया अपने का आरोप लगाया।
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