नई दिल्ली। उच्च न्यायालय ने वकील लोकिंदर सिंह फोगाट की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने पंजाब व हरियाणा बार काउंसिल के चुनाव में हिस्सा लेने की अनुमति मांगी थी। फोगाट के खिलाफ दो अनुशासनात्मक कार्यवाहियां चल रही हैं।
न्यायालय ने कहा कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) के नियमों के अनुसार, किसी भी वकील के खिलाफ यदि अनुशासनात्मक मामला लंबित है तो वह चुनाव नहीं लड़ सकता। न्यायमूर्ति मिनी पुष्करणा ने कहा कि फोगाट की याचिका में कोई ठोस आधार नहीं है, क्योंकि बीसीआई की अधिसूचना के मुताबिक चुनाव से नौ महीने पहले तक उम्मीदवार के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक मामला नहीं होना चाहिए। फोगाट पहले आठ बार रोहतक जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रह चुके हैं। उन पर बार एसोसिएशन के कामकाज में वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। इन्हीं आरोपों के चलते पंजाब व हरियाणा बार काउंसिल ने उन्हें चुनाव लड़ने से रोक दिया था। संवाद