दो दिन तक लखनऊ में खड़ा रहा वाहन, सिर्फ 4 हजार एंटीजन किट देकर भेजा
नोएडा। पिछले कुछ दिनों में कोरोना संक्रमण का ग्राफ क्या घटा। संक्रमण थामने की सरकार की रफ्तार ही सुस्त हो गई। आलम यह है कि गौतमबुद्ध नगर के लिए एंटीजन किट लाने वाला वाहन पिछले दो दिन तक लखनऊ में ही खड़ा रहा, लेकिन किट नहीं मिली। जिला स्तर के अफसरों ने बार-बार किट भेजने के लिए लखनऊ फोन करना शुरू किया तो महज 4 हजार किट देकर ही वाहन को रवाना कर दिया गया। जबकि जिले में एक दिन की खपत ही लगभग साढ़े तीन हजार है। सूत्राें ने बताया कि मंगलवार देर रात वाहन गौतमबुद्ध नगर पहुंचा। विभाग को किट बुधवार को मिले।
जनपद में अभी तक 5,90,085 कोरोना जांच हो चुकी है। इनमें एंटीजन जांच का हिस्सा 70 से 80 फीसदी तक है, यानी वायरस को तुरंत पकड़ने और कोरोना की चेन तोड़ने के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार काफी हद तक एंटीजन जांच पर ही निर्भर हो गई है। पिछले कुछ दिनों में जनपद में कोरोना के काफी कम केस आए हैं। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों ने बताया कि पिछले कुछ दिनाें से एंटीजन किट का टोटा है। शासन स्तर पर वार्ता की जा रही है। शासन हर बार 20 से 30 हजार किट जिले को भेजता है। जो सिर्फ एक सप्ताह तक चलती हैं। इस बार लखनऊ में वाहन दो दिन तक खड़ा रहा। जब जिले में जांच का संकट खड़ा हुआ तो अफसरों ने लखनऊ पर दबाव डाला। जिसके बाद जैसे-तैसे 4000 किट दी गई।
स्वास्थ्य विभाग के पास महज 2500 एंटीजन किट
सरकार की सुस्ती का नुकसान यह है कि स्वास्थ्य विभाग के पास महज 2500 एंटीजन किट ही बची हैं। देखा जाए तो यह एक दिन की जांच के लिए भी पर्याप्त नहीं हैं। हालांकि अधिकारी डैमेज कंट्रोल के लिए शासन से जल्द ही किट मंगाने की बात कह रहे हैं। सीएमओ डॉ. दीपक ओहरी ने बताया कि लगातार एंटीजन किट मंगाई जा रही हैं।