अडानी, रिलायंस व टाटा भी नोएडा एयरपोर्ट बनाने के इच्छुक
ग्रेटर नोएडा। नोएडा एयरपोर्ट को बनाने के लिए तीन बड़ी विदेशी कंपनियों ने भी रुचि दिखाई है। वहीं, अडानी, रिलायंस और टाटा ग्रुुुप ने भी एयरपोर्ट बनाने की इच्छा जताई है। एयरपोर्ट के लिए 30 अक्तूबर तक टेंडर खरीदने और जमा करने की अंतिम तिथि तय की गई है।
नोएडा एयरपोर्ट के लिए 30 मई को वैश्विक निविदा निकाली गई थी। अब तक 20 कंपनियों ने टेंडर खरीदे लिए हैं। इसमें तीन विदेशी कंपनियां एडीपी हांगकांग, ज्यूरिख एयरपोर्ट व फ्रैंकफर्ट लिमिटेड कंपनियां शामिल हैं। जबकि देश की जीएमआर, पीएनसी इंफ्राटेक, मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड, एस्टरलाइट पावर ग्रिड, बंगलूरू इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड, एलएंडटी, अडानी ग्रुप, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्लोबल इंफ्रास्ट्रक्चर, टू इट स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया, डायल, टाटा प्रोजेक्ट लिमिटेड सहित 20 कंपनियों ने टेंडर खरीदे हैं। इन कंपनियों में से कई में विदेशी कंपनियों के शेयर हैं।
आवेदन की इच्छुक कंपनियों ने पूछे हैं 111 सवाल
एयरपोर्ट के लिए आवेदन करने की इच्छुक कंपनियों ने 111 सवाल नियाल से पूछे हैं। दरअसल, नोएडा इंटरनेशनल कंपनी लिमिटेड (नियाल) ने कंपनियों से कहा है कि अगर टेंडर पर कोई शंका है तो वह उसका समाधान करेगी। कंपनियों के अलग-अलग सवाल पूछे हैं। एक कंपनी ने कहा कि जब यह प्रोजेक्ट पीपीपी मॉडल पर है तो इसमें एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को भाग नहीं लेना चाहिए। इसके लिए नियाल ने मना कर दिया। एक कंपनी ने कहा कि तकनीकी बिड में वहीं कंपनी सफल होगी, जिन्होंने 10 साल में 10 हजार करोड़ के काम पूरे कर लिए हों। उन्होंने मांग की कि यह रकम पांच हजार करोड़ की जाए और काम पूरा होने की शर्त के बजाय काम रनिंग में भी हो तो उसे भी शामिल किया जाए। एक कंपनी ने प्री बिड में कई रियायत देने की मांग की। इन मांगों को नियाल ने खारिज कर दिया। नियाल का कहना है कि यह इंटरनेशनल एयरपोर्ट है, इसलिए मानक भी उसी के हिसाब से हैं।