मथुरा। बार काउंसिल ऑफ इंडिया के निर्देश के चलते बार एसोसिएशन का चुनाव कराने की मांग को लेकर धरने पर बैठे अधिवक्ताओं की मेहनत पर पानी फिरता दिखाई दे रहा है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने स्पष्ट किया है कि यदि 15 फरवरी से पहले चुनाव कराए तो बार एसोसिएशन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बार चुनाव को लेकर चल रहे गतिरोध के बीच बार काउंसिल ऑफ इंडिया के आदेश से संभावित प्रत्याशियों और विरोध करने वाले अधिवक्ताओं की मेहनत पर पानी फिरता दिखाई दे रहा है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया के सचिव बार काउंसिल उत्तर प्रदेश के चेयरमैन, एल्डर्स कमेटी व सभी जिला एवं तहसील बार एसोसिएशन को संबोधित कर लिखे गए पत्र में कहा है कि 15 नवंबर 2025 से 15 फरवरी 2026 के मध्य चुनाव नहीं कराया जाएगा। पत्र में कहा गया है कि बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश में प्राप्त विभिन्न शिकायतों से ज्ञात हो रहा है कि एल्डर्स कमेटी द्वारा मॉडल बाइलॉज के नियमों के परे जाकर मनमाने ढंग से 15 नवंबर 2025 से पूर्व चुनाव कराए जाने का आदेश पारित किया जा रहा है, जबकि मॉडल बायलॉज के नियम 18 में चुनाव संपादित किए जाने का प्रावधान है। बार काउंसिल ने आदेश में कहा है कि पुनः निर्देशित किया जाता है कि 15 नवंबर से 15 फरवरी 2026 के मध्य किसी बार संघ का चुनाव सम्पन्न नहीं कराया जाएगा।
बार एसोसिएशन सचिव शिव कुमार लवानिया ने बताया कि बार काउंसिल का स्पष्ट आदेश है कि 15 फरवरी 2026 से पूर्व चुनाव नहीं कराया जाए। उसके आदेश का खिलाफ जाने का मतलब आदेश की अवहेलना होगी। उन्होंने बताया कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया को जल्द आख्या भेजी जाएगी।