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लापरवाही पर 11 अधिकारी-कर्मचारी नपे

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लापरवाही पर 11 अधिकारी-कर्मचारी नपे
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नोएडा। काम में लापरवाही बरतने वाले नोएडा प्राधिकरण के कर्मचारियों पर एक बार फिर गाज गिरी है। सीईओ रितु माहेश्वरी ने जन स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ परियोजना अभियंता सहित 11 अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। दो संविदा कर्मियों को सेवा से निष्कासित किया गया है, जबकि दो को निलंबित कर दिया गया है। चार कर्मियों को प्रतिकूल प्रविष्टि निर्गत किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
सीईओ ने 5 नवंबर को विभिन्न सेक्टरों का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान शौचालयों के संचालन और साफ-सफाई, सड़कों पर सफाई व्यवस्था के अलावा नालियों और गलियों की स्थिति सही नहीं मिली थी। सेक्टर-39, 41, 48, 49, 52, होशियारपुर, सेक्टर-71, 75, 122, ग्राम बरौला, सर्फाबाद, भंगेल एवं सलारपुर में सफाई कर्मचारी नहीं मिले थे। पर्यवेक्षणीय दायित्वों में लापरवाही बरतने पर जन स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ परियोजना अभियंता एससी मिश्रा को चेतावनी, परियोजना अभियंता-2 आरके शर्मा को कठोर चेतावनी, प्रबंधक/सहायक परियोजना अभियंता-1 गौरव बंसल को चेतावनी जारी की गई है। प्रबंधक/सहायक परियोजना अभियंता-2 ब्रह्मपाल, सेक्टर-122 एवं सर्फाबाद के सफाई निरीक्षक विरेंद्र सिंह, सेक्टर-41 के सफाई निरीक्षक गोपाल कृष्ण शर्मा व सफाई सुपरवाइजर कुशलपाल सिंह को प्रतिकूल प्रविष्टि निर्गत किए जाने के निर्देश दिए हैं। श्रम आपूर्तिकर्ता के माध्यम से कार्य कर रहे प्रभारी सुपरवाइजर सफाईकर्मी देवदत्त को सेवा से निष्कासित किया गया है।
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अतिक्रमण पर मेहरबानी पड़ी भारी
निरीक्षण के दौरान सीईओ ने सलारपुर एवं भंगेल में अतिक्रमण और अवैध निर्माण मिलने पर नाराजगी जाहिर की थी। टिप्पणी करते हुए कहा था कि दोनों जगह हालात देखकर स्पष्ट लगा कि कर्मचारियों ने अतिक्रमण रोकने का प्रयास ही नहीं किया। इसकी सूचना अपने वरिष्ठ अधिकारियों को भी नहीं दी। सीईओ के निर्देश पर संविदा पर कार्य कर रहे वर्क सर्किल-8 के अवर अभियंता विष्णु दयाल को निष्कासित कर दिया गया, जबकि भंगेल एवं सलारपुर के लेखपाल निर्देशपाल को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं।
चार कंपनियां ब्लैक लिस्ट
सफाई का जिम्मा संभाल रही चार कंपनियों को ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश सीईओ ने दिए हैं। इनमें सर्फाबाद सेक्टर-72 में सफाई का जिम्मा संभाल रही ऑसन कंस्ट्रक्शन कंपनी, सेक्टर-41 में सुमित कंस्ट्रक्शन कंपनी, सेक्टर-48 की एसपी गवर्नमेंट कांट्रेक्टर एंड सप्लायर व सेक्टर-122 में सफाई का जिम्मा संभालने वाली वर्दांत कंस्ट्रक्शन कंपनी शामिल है। डोर टू डोर कचरा एकत्र करने वाली कंपनी एजी इंवायरो को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
आंखों में धूल झोक रहे लापरवाह
स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 में रैंकिंग सुधारने की कवायद में नोएडा प्राधिकरण पानी की तरह पैसा बहा रहा है। आधुनिक मशीनों के अलावा निजी एजेंसियों को शहर में उतारा जा चुका है। लेकिन सीईओ ने औचक निरीक्षण कर एक ही दिन में कई अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही को उजाकर कर दिया। गेटवे ऑफ यूपी कहे जाने वाले नोएडा की 2018 में स्वच्छता सर्वेक्षण रैंकिंग 324वीं थी जबकि 2019 में 150वीं रैंक लेकर प्राधिकरण अधिकारी अपनी पीठ थपथपाते रहे। जबकि गाजियाबाद ने अपनी रैंकिंग में सुधार करते हुए 13वां स्थान हासिल किया था।
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कुछ भी कर लो, हम नहीं सुधरेंगे
इस साल अगस्त में भी सीईओ ने अधिकारियों व कर्मचारियों पर कार्रवाई की थी, इसके बाद भी कार्यशैली में कोई सुधार नहीं हुआ। उस दौरान प्रभारी प्रबंधक सहित दो अधिकारियों को निलंबित किया था। जबकि संविदा पर लगे कुछ कर्मियों की सेवाएं समाप्त करने के आदेश दिए गए थे।
भविष्य में भी लगातार औचक निरीक्षण किए जाएंगे। यदि कहीं खामी पाई गई तो संबंधित अधिकारी, संविदाकर्मी और एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- रितु माहेश्वरी, सीईओ नोएडा
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