हिमाचल से लाकर दिल्ली, यूपी व मुंबई में करते थे सप्लाई 3.5 : करोड़ की चरस बरामद
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने तस्करों के एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो कॉरपोरेट कल्चर की तर्ज पर देश भर में मादक पदार्थ मलाना क्रीम (चरस) की तस्करी कर रहे थे। गिरोह में सभी का काम बंटा हुआ था। दिल्ली पुलिस ने हिमाचल प्रदेश से पांच, दिल्ली के डांसर व गिरोह सरगना समेत 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये हिमाचल प्रदेश से मलाना क्रीम लाकर दिल्ली, यूपी व मुंबई समेत देश के अन्य हिस्सों में सप्लाई करते थे। इनके पास से 3.530 किलो मलाना क्रीम बरामद की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 3.50 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
अपराध शाखा के पुलिस अधिकारियों के अनुसार एआरएससी शाखा में तैनात इंस्पेक्टर मंगेश त्यागी व रोबिन त्यागी को सूचना मिली थी कि अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्य हिमाचल प्रदेश से मलाना क्रीम लाकर मुंबई, गुजरात, यूपी व दिल्ली में सप्लाई करते हैं। एसीपी अरविंद कुमार की देखरेख में इंस्पेक्टर रोबिन त्यागी व मंगेश त्यागी, एएसआई सचिन सिंह, एएसआई संजीव कुमार, एएसआई रामदास व एएसआई प्रेमपाल की टीम गठित की गई। टीम को सूचना मिली थी कि धारा कुल्लू, हिमाचल प्रदेश निवासी सेस राम मलाना क्रीम की खेप लेकर ट्रेन से सब्जी मंडी रेलवे स्टेशन आएगा और यहां से सप्लाई करने मुंबई जाएगा। इंस्पेक्टर रोबिन त्यागी की टीम ने सब्जी मंडी रेलवे स्टेशन के पास से 1160 ग्राम चरस के साथ गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद धारावी, मुंबई महाराष्ट्र निवासी मयूर खाड़े को गिरफ्तार कर लिया।
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पुलिस टीम ने दूसरा ऑपरेशन चलाकर पालम इलाके से घांबर खांड तहसील सदर जिला मांडी हिमाचल प्रदेश निवासी राकेश ठाकुर उर्फ सन्नी(34), माधवन, मांडी हिमाचल प्रदेश निवासी तरुण गुलेरिया उर्फ तनू(24), मेहर, मांडी ,हिमाचल प्रदेश निवासी राहुल चौहान(25), शेखपुर कदिम, सहारनपुर यूपी निवासी आस मोहम्मद (24), अहमदाबाद, गुजरात निवासी प्रभात उर्फ बाबू(38) और राकेश ठाकुर (33) को गिरफ्तार कर लिया। राकेश इनसे अपना कमीशन लेने दिल्ली आया था। इसके बाद पश्चिमी बंगाल निवासी सुबराता मोइऋा और मांडी हिमाचल प्रदेश निवासी महेश्वर सिंह को हिमाचल प्रदेश से गिरफ्तार कर लिया। सेसराम से पूछताछ के बाद पांडव नगर, दिल्ली में दबिश देकर श्रीकृष्णा(29) और कालकाजी निवासी मोहित को गिरफ्तार कर लिया। इनके कंबल व फ्रीज में चरस छिपाकर रखी हुई थी। इसके कब्जे से 13 मोबाइल व कार बरामद की गई है।
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गिरोह में कौन क्या करता था-
सेसराम : गिरोह में कैरियर की भूमिका निभाता था। आरोपी हिमाचल प्रदेश से ट्रेन के जरिये मलाना क्रीम को दिल्ली व मुंबई पहुंचाता था।
मयूरी खाडे :
मुंबई में मलाना क्रीम को लेता था। उसे सेसराम सप्लाई करने जाता था।
राकेश ठाकुर- गिरोह के सदस्यों को सुविधाएं मुहैया कराता था। साथ ही गिरोह के सदस्यों को मलाना क्रीम खरीदने वालों का नंबर उपलब्ध करता था और अपना कमीशन लेता था। उसके खिलाफ पहले से मामला दर्ज है।
तरुण गुलेरिया- राकेश ठाकुर का साथी है। टैक्सी ड्राइवर है। ये नंबर भी उपलब्ध करता था। इसके खिलाफ भी पहले से नंबर दर्ज है।
राहुल चौहान-ट्यूरिस्ट गाइड है। वे राकेश ठाकुर को चरस लेने के लिए हिमाचल प्रदेश आने वाले लोगों के नंबर उपलब्ध करता था।
आस मोहम्मद- ये सोलन में काम करता था। ये चरस लेने के लिए हिमाचल प्रदेश आने वाले लोगों के नंबर राकेश ठाकुर को उपलब्ध करता था।
प्रभात-प्रभात गिरोह का सरगना है। इसने लॉकडाउन में छह महीने हिमाचल प्रदेश में बिताए थे। इस दौरान ये चरस के बड़े डीलरों के संपर्क में आया। इसने हिमाचल प्रदेश में अपना आधार बना लिया। ये राकेश ठाकुर व महेश्वर सिंह से चरस लेता था। इसके खिलाफ गुजरात में आर्म्स एक्ट व झगड़े के दो मामले दर्ज हैं। ताकत व पैसे के बल पर लोग इसे बापू कहने लगे।
राकेश ठाकुर-
ये प्रभात का साथी है। ये टेम्पो ड्राइवर था। ये प्रभात की कार भी चलाता था।
सुबराता-पश्चिमी बंगाल निवासी सुबराता मलाना, हिमाचल प्रदेश में रहता था। ये ड्रग्स डीलर को ट्रांसपोर्ट प्लेटफार्म उपलब्ध कराता था। ये उनको अपना मोबाइल व बैंक खाता भी उपलब्ध कराता था।
महेश्वर सिंह- ये प्रभात का राइट हैंड था। वह गिरोह के सदस्यों को सुरक्षित जगह, संपर्क और अन्य सामान उपलब्ध कराता था। वह डीलर को स्थानीय गारंटी के साथ अपना बैंक खाता भी देता था।
श्रीकृष्ण- ये पूर्वी दिल्ली में ड्रग्स का रिटेलर है। उसने जनवरी, 2023 में सेसराम से ड्रग्स ली थी और उसे आगे बेच दिया था।
मोहित- मोहित पेशे से डांसर है। ये डांस के लिए पार्टी व कार्यक्रमों में ंजाता था। इस दौरान वह चरस की सप्लाई करता और बेच देता था।