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UP: हत्या की तर्ज पर हादसों के केसों की विवेचना, मुरादाबाद पुलिस ने तैयार की कार्ययोजना, अब धरातल पर उतारेंगे

Sat, 15 Nov 2025 01:40 AM IST
नोएडा ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

मुरादाबाद जिले में होने वाले सड़क हादसों की विवेचना हत्या की तर्ज पर गंभीरता से की जाएगी। एसएसपी सतपाल अंतिल ने विवेचकों से कहा गया है कि वह दुर्घटना स्थल के साक्ष्य जुटाएं, गवाहों, आरोपियों व घायलों के वीडियो बयान दर्ज कर मजबूत चार्जशीट तैयार करें। इसके साथ ही हादसे के बार-बार होने वाले प्वाइंटों की पहचान कर संबंधित विभागों से सुरक्षा उपाय भी करवाएं। 
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मुरादाबाद के कांठ में हुआ हादसा (कांठ) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुरादाबाद में अब हत्या की तर्ज पर ही अब हादसों के केसों की भी विवेचना की जाएगी। विवेचना के दौरान विवेचक दुर्घटनाओं से जुड़े साक्ष्य जुटाएंगे और गवाह, आरोपी, घायलों के वीडियो बयान भी दर्ज करेंगे ताकी कोर्ट में मजबूती के साथ केस की पैरवी कर हादसों के जिम्मेदार चालकों को सजा दिलाई जा सके।

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एसएसपी सतपाल अंतिल ने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ मीटिंग कर निर्देश दिए हैं कि इन केसों की विवेचना पूरी गंभीरता से साथ की जाए।रोड सेफ्टी अभियान के दौरान यातायात पुलिस और सिविल पुलिस ने जिले के सभी थाना क्षेत्रों में लोगों से संवाद किया।

उन्हें यातायात नियम तोड़ने से होने वाले नुकसान के बारे में विस्तार से बताया गया है। इसके साथ ही पुलिस ने जिले में अलग-अलग हादसों में जान गंवाने वाले लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जिसमें सामने आया है कि हादसों में जिन लोगों की मौत हुई उनमें कोई अपने घर का इकलौता बेटा था तो कोई घर में कमाने वाला था।
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लेकिन किसी दूसरे की गलती की वजह से इन परिवारों ने अपनों को खो दिया है लेकिन केसों की सही से विवेचना न होने के कारण हादसों के जिम्मेदार लोग बच निकल रहे हैं। एसएसपी सतपाल अंतिल ने हादसों की रोकथाम और लोगों को मौत के मुंह में धकेलने वाले वाहन चालकों पर सख्त कार्रवाई करने की योजना बनाई है।

उन्होंने एसपी सिटी, एसपी यातायात, एसपी देहात और सभी सीओ और थाना प्रभारियों के साथ मीटिंग की। उन्होंने कहा कि जिस स्थानों पर हादसे हो रहे हैं वहां सबसे पहले इस बात की पड़ताल की जाए कि इन प्वाइंटों पर ही हादसे क्यों हो रहे हैं। इन हादसों को रोकने के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं।

संबंधित विभागों के साथ मीटिंग कर वहां हादसे रोकने के इंतजाम किए जाएं। इसके अलावा हादसों की विवेचना में कोई लापरवाही नहीं बरती जाए। इनकी विवेचना पूरी गंभीरता से की जाए। विवेचना सब इंस्पेक्टर और इंस्पेक्टर स्तर के विवेचक की करें। मजबूत चार्जशीट तैयार कर उसे कोर्ट में पेश किया जाए ताकी हादसों की जिम्मेदार आरोपियों को सजा दिलाई जा सके।

दुर्घटना के बाद भागने पर चालक को होगी दस साल की कैद
अधिवक्ता अभिषेक शर्मा ने बताया कि नए कानून (भारतीय न्याय संहिता) के तहत हादसों पर सजा और जुर्माना सख्त हो गया है। दुर्घटना के बाद मौके से भागने (हिट एंड रन) पर 10 साल तक की सजा और जुर्माना हो सकता है। यदि आरोपी घायल को अस्पताल पहुंचाता है तो सजा कम हो सकती है। लापरवाही से हुई मौत के लिए भारतीय दंड संहिता की धारा 106 (1) के तहत 5 साल तक की सजा और जुर्माना है बशर्ते चालक घटना की सूचना पुलिस को दे।

दस माह में हादसों के आंकड़े
हादसे      464
मौत        259
घायल     390

हादसों की विवेचना भी गंभीरता किए जाने के निर्देश दिए हैं। इन केसों में मजबूत चार्जशीट तैयार की जाएगी और कोर्ट में भी मजबूती से पैरवी कर सजा दिलाई जाएगी। इसके अलावा हादसे रोकने के लिए रोड सेफ्टी अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। अभियान चलाने से एक व्यक्ति भी जान बचेगी तो यह अभियान की सफलता होगी। - सतपाल अंतिल, एसएसपी

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हेड कांस्टेबल भी सीखेंगे विवेचना करना
हेड कांस्टेबल पदोन्नत होकर दरोगा बनते तो उन्हें विवेचना दी जाती हैं लेकिन उनके एक दो दिन विवेचना सीखने में ही निकल जाता है इसके लिए उन्हें पहले से विवेचना के लिए तैयार की जाएगा। एसएसपी ने थाना प्रभारी और सीओ को निर्देश दिए हैं कि हेड कांस्टेबलों को भी दरोगा और इंसपेक्टर के विवेचना में लगाएं ताकी वह विवेचना करना सीख जाएं ताकी भविष्य में वह दरोगा बनते तो उन्हें और विभाग को इसका फायदा मिल सके।

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