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समस्याओं को स्वीकार करें और समाधान खोजें : योगी

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छात्र समस्याओं को स्वीकार करें और समाधान खोजें : योगी
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- गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि बुद्ध के विचार दुनिया को नई राह दिखाने वाले


माई सिटी रिपोर्टर

ग्रेटर नोएडा। गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय (जीबीयू) में रविवार को आयोजित हुए दूसरे दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने गौतमबुद्ध के जीवन दर्शन और उसके वर्तमान में महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने समस्याओं को स्वीकार करने और समाधान खोजने की बात कही। बुद्ध के विचारों को दुनिया के लिए नई राह दिखाने वाला बताया।
उन्होंने कहा कि गौतमबुद्ध ने जीवन के जिन रहस्यों को उद्घाटित किया है वह हर मनुष्य के आसपास घूमती हैं। बुद्ध ने समस्या को पहले स्वीकार कर समाधान का रास्ता तलाशने की राह दिखाई है। अक्सर हम समस्या को स्वीकार करना नहीं चाहते। यहीं हमारी विफलता का रहस्य है। मुख्यमंत्री ने कहा बुद्ध का पहला उपदेश धम्मम शरणम गच्छामि है। शिक्षा अर्जित करने के बाद विद्यार्थी के लिए उसका सार सत्यं वद, धर्मम चर है। धर्म का आचरण करने से है। दोनों ही विचार धर्म की ओर ले जाते हैं। उन्होंने कहा कि धर्म पूजा पद्धति नहीं है। धर्म जीवन के शाश्वत मूल्य हैं। सदाचार, नैतिक मूल्य, कर्तव्य. इनका समन्वित रूप है। यह हर देश, काल, परिस्थिति में रहेगा।
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दूसरा उपदेश बुद्धं शरणम गच्छामि। इसका अर्थ है कि बुद्ध की शरण में मत आओ बुद्धि की शरण में आओ। बुद्ध का अर्थ विवेक से है। विवेकशील बनें। तीसरा संगम शरणम गच्छामि। इसका अर्थ है हमें संगठित होकर कार्य करना है। यह सामूहिक रूप से निर्णय लेने की ताकत देता है। यह लोकतंत्र की ताकत भी है। कोई भी संस्था हो। एक व्यक्ति अपनी बात थोपने का प्रयास करेगा तो परिवार में विद्रोह हो जाता है। बुद्ध का यह उपदेश मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है। बुद्ध ने ज्ञान प्राप्त होने के बाद 36 वर्ष सामाजिक जन जागरण के लिए समर्पित कर दिए थे।
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उपराष्ट्रपति के संघर्षों की बात कही


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के संघर्ष की चर्चा करते हुए कहा कि शून्य से शिखर की यात्रा कैसे होती है। संघर्षों से राह कैसे बनती है। इसकी आदर्श प्रतिमूर्ति हैं हमारे उपराष्ट्रपति हैं। इनका मार्ग दर्शन छात्रों को जीवन में प्रेरणा देगा।
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