नोएडा(संवाद)। खेलों में जुनून और मेहनत जब छोटी उम्र में ही दिखने लगे तो भविष्य निश्चित रूप से उज्ज्वल होता है। शहर की खोड़ा कॉलोनी निवासी 7 वर्षीय आराध्या तिवारी ने कराटे प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर स्वर्ण पदक अपने नाम कर यह साबित कर दिया है कि सपनों को उड़ान देने के लिए उम्र नहीं, बल्कि लगन और अनुशासन जरूरी है।
आराध्या तिवारी बाल किशन कराटे अकादमी से नियमित प्रशिक्षण ले रही हैं। उनके कोच बाल किशन बताते हैं कि आराध्या में खेल के प्रति गहरी लगन और अनुशासन है। यही कारण है कि वह न केवल जीत दर्ज कर रही हैं, बल्कि अपने खेल को नए मुकाम तक ले जाने के लिए रोज कड़ी मेहनत कर रही हैं। उनकी मां रागिनी तिवारी का कहना है कि आराध्या न केवल एक अच्छी खिलाड़ी बनना चाहती हैं बल्कि एक अच्छा इंसान भी बनना चाहती हैं। कराटे ने उसके आत्मविश्वास को और मजबूत किया है। भविष्य के सपनों को लेकर आराध्या का कहना है कि वह आने वाले समय में नेशनल लेवल कराटे चैंपियनशिप में भाग लेकर स्वर्ण पदक जीतना चाहती हैं। उनका लक्ष्य एक दिन अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करना है।