कई नेता जेल में होने से प्रचार की कमान संभालने के लिए बड़ा नेता नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। केजरीवाल की गिरफ्तारी से आम आदमी पार्टी को लोकसभा चुनाव में झटका लग सकता है। आप पहले से ही शीर्ष नेतृत्व की अनुपस्थिति से जूझ रही है। वरिष्ठ नेता सत्येंद्र जैन, मनीष सिसोदिया व संजय सिंह पहले से ही जेल में हैं, अब केजरीवाल की गिरफ्तारी हो गई है। लिहाजा लोकसभा चुनाव में आप के प्रचार की कमान संभालने वाला कोई बड़ा नेता नहीं है। आप ने देशभर में अपना विस्तार करने के लिए दिल्ली, हरियाणा और गुजरात में भाजपा के खिलाफ लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए कांग्रेस के साथ गठबंधन किया है, जबकि पंजाब में वह अकेले चुनाव लड़ रही है। केजरीवाल आप के स्टार प्रचारक हैं।
दरअसल, आप के रणनीतिकारों के लिए इस समस्या से निकलना आसान नहीं होगा। आप दिल्ली में कांग्रेस से समझौते के तहत चार सीटों पर चुनाव लड़ रही है। गुजरात में उसे दो सीटें मिली हैं और हरियाणा में कांग्रेस ने एक सीट दी है। आप ने लोकसभा में जीत हासिल करने के लिए अभियान शुरू किया है। इसे संसद में भी केजरीवाल, तो दिल्ली होगी और खुशहाल नाम दिया गया है, जबकि गुजरात में भी केजरीवाल अभियान चलाया है। पंजाब में उसका अभियान राज्य के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर केंद्रित है। केजरीवाल लोकसभा चुनाव के तहत लगातार राज्यों में दौरे कर रहे है। उधर, आप नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि केजरीवाल की अनुपस्थिति में लोकसभा चुनाव में पार्टी का चेहरा अरविंद केजरीवाल ही होंगे। वे एकमात्र चेहरा हैं जिन पर लोग भरोसा करते हैं और प्यार करते हैं।