फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Noida News: पार्किंग की जमीन पर लगाया जा रहा था ट्यूबवेल, सब चुप रहे

विज्ञापन
विज्ञापन
- सोसाइटी में सुरक्षा सख्त, खोदाई के लिए सामान और बोरवेल मशीन के परिसर में दाखिल होने पर उठे सवाल
विज्ञापन


माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। जिस जमीन पर कलाधाम में होने वाले आयोजनों में आने वाले वाहनों की पार्किंग के लिए विकसित किया गया। उस जमीन पर ट्यूबवेल और पंपहाउस बनाने के लिए किसके आदेश पर काम शुरू हुआ। अगर गलत जगह पर बोरवेल के लिए गड्ढ़ा खोदा गया तो सोसाइटी की मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था के बाद भी बड़ी-बड़ी मशीनों को अंदर ले जाकर काम कब शुरू हो गया। इस पर सोसाइटी में भी किसी को कोई आपत्ति नहीं जताई। अव्यान मामले में अब ऐसे कई और सवाल उठने लगे हैं।
प्राधिकरण की जांच में सामने आए तथ्य के मुताबिक ट्यूबवेल के लिए बोरवेल सोसाइटी के बाहर ग्रीनबेल्ट में होना था। इसके उलट सोसाइटी के अंदर पार्किंग की जगह में निर्माण शुरू हो गया। जबकि आरडब्ल्यूए व स्थानीय लोगों को पहले दिन से पता था कि उसी जगह बच्चे क्रिकेट व अन्य खेल खेलते हैं। यह भी जानकारी सामने आई है कि पिछले दिनों सोसाइटी के प्रतिनिधियों के साथ प्रबंधक गरिमा सिंह की एक बैठक भी जगह के चुनाव को लेकर हुई थी। प्रबंधक ने जांच समिति को बताया है कि आरडब्ल्यूए के कहने पर ही पार्किंग में बोरवेल का काम शुरू कराया था। जांच समिति में शामिल जीएम प्रोजेक्ट एके सिंह का कहना है कि पुलिस भी अपनी जांच कर रही है। जो भी इस हादसे के लिए जिम्मेदार है, सच्चाई सामने आ ही जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

इधर, आरडब्ल्यूए के महासचिव देवेंद्र शुक्ला का कहना है कि पार्किंग में काम करने के लिए कोई सहमति नहीं थी। हमारे प्रतिनिधि से पार्क में बोरवेल के लिए बात हुई थी। इसके बाद शुक्रवार को अचानक से मशीन और अन्य सामान आया और खोदाई शुरू कर दी गई। प्राधिकरण से सामान्य दिनों में लोग और क्रेन व अन्य मशीन आती रहती हैं। ऐसे में किसी का ध्यान इस पर नहीं गया। प्राधिकरण के लोगों के लिए यहां कोई अनुमति नहीं जरूरी है क्योंकि काॅलोनी ही उनकी विकसित की हुई है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें