पलिया के बुद्धापुरवा में निकले सांप को पकड़ी दुधवा की टीम में शामिल सदस्य। स्रोत : पार्क प्रशास
पलियाकलां। दुधवा नेशनल पार्क क्षेत्र के बुद्धापुरवा गांव से वनकर्मियों ने शनिवार को दुर्लभ प्रजाति के सांप को पकड़कर उसे जंगल में छोड़ दिया। यह चेकर्ड कीलबैक प्रजाति का सांप था, जो विषहीन होता है। सबसे ज्यादा यह भारत और श्रीलंका में पाया जाता है।
दुधवा नेशनल पार्क के डिप्टी डायरेक्टर जगदीश आर ने बताया कि बुद्धापुरवा गांव निवासी संजय के घर में सांप मिलने के सूचना पर दुधवा की कंजरवेशन फांउडेशन की टीम मौके पर पहुंची थी और सांप का सुरक्षित रेस्क्यू कर उसको जंगल में छोड़ा गया है।
उन्होंने बताया कि ग्रामीण स्तर पर इसे ढोरिया सांप भी कहते हैं। यह एशियाई, विषहीन और अर्ध जलीय सांप होता है। झीलों, तालाबों, नदियों और धान के खेतों के पास मिलता है। चैकोर शरीर पर काले धब्बे होते हैं, जो इसकी प्रजाति का नामकरण करते हैं।
बताया कि यह सांप ज्यादा जहरीला नहीं होता है, लेकिन यह आक्रामक हो सकता है। खतरे से बचने के लिए यह अपनी पूंछ को भी गिरा सकता है और वापस उगा भी सकता है। मेढ़क और मछलियों का शिकार करता है। इसके शरीर का रंग जैतून हरा, भूरा या पीला हो सकता है, जिस पर काले रंग के चौकोर धब्बे होते हैं। इसका पेट सफेद या हल्का पीला हो सकता है।