गांव में मामले की जांच पड़ताल करते नायब तहसीलदार दिव्यांशु शाही, दरोगा दिनेश सिंह।संवाद
निघासन। लुधौरी गांव में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के मामले में प्रशासनिक टीम की कार्रवाई पर ग्रामीणों ने सवाल खड़े किए हैं। आरोप है कि मौके पर पहुंची राजस्व टीम ने एक पक्ष की बात सुनकर नाप-जोख टाल दी और बिना किसी निस्तारण के लौट गई। इससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त हो गया।
शुक्रवार को लुधौरी गांव से बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने तहसील पहुंचकर एसडीएम कार्यालय का घेराव किया था। ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि गांव की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया गया है। इस पर एसडीएम राजीव निगम ने नायब तहसीलदार दिव्यांशु शाही के नेतृत्व में लेखपाल, कानूनगो और पुलिस बल के साथ टीम गठित कर मौके पर भेजा था।
ग्रामीणों का कहना है कि मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार ने अवैध कब्जा करने वालों के पक्ष में बात करनी शुरू कर दी। इससे गांव के लोग भड़क गए और राजस्व टीम से तीखी नोकझोंक भी हुई। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन समस्या का समाधान करने के बजाय मामले को उलझा रहा है।
इस संबंध में तहसीलदार मुकेश वर्मा ने कहा कि जमीन आबादी की है, जिस पर दो पक्षों का वाद न्यायालय में विचाराधीन है और 28 अगस्त से एक स्थगन भी प्रभावी है। पक्षों से मामले से जुड़े कागजात तलब किए गए हैं। जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी और निर्देश मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। टीम और ग्रामीणों के बीच झड़प की बात बेबुनियाद और निराधार है।