विनायक और कार्तिकेय मंदिर में आयोजित दीप पूजा में महिलाओं ने पारंपरिक परिधान में लिया हिस्सा
संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। सेक्टर-62 स्थित श्री विनायक और श्री कार्तिकेय मंदिर में शुक्रवार को 60 से अधिक महिलाओं ने पारंपरिक परिधान में दीप पूजा (विलक्कु पूजा) में भाग लिया। एक साथ सजे दीपों की रोशनी, वैदिक मंत्रोच्चार से भक्ति का अलग ही माहौल बन गया। महिलाओं ने सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना की।
पूजा का शुभारंभ पंडित शंकर शास्त्री की देखरेख में किया गया। मंदिर के पुजारी मणिकंदन शर्मा और मोहित मिश्रा ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा संपन्न कराई। इस दौरान श्री दुर्गा और श्री त्रिपुरसुंदरी देवी का विशेष अभिषेक और आकर्षक शृंगार किया गया। इसके बाद महादीपराधना हुई जिसमें सभी श्रद्धालु शामिल हुए।
आषाढ़ में होने वाली इस विशेष पूजा का आयोजन वैदिक प्रचार संस्थान की ओर से किया गया। मंदिर कमेटी के सीनियर मेंबर एस वेंकटेस ने बताया कि हर साल ऐसा आयोजन किया जाता है। दक्षिण भारत की इस प्राचीन धार्मिक परंपरा का सनातन संस्कृति में विशेष महत्व माना जाता है।
मान्यता है कि तेल का दीपक जलाकर देवी महालक्ष्मी का आह्वान करने से घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा आती है। दीपक को अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर ज्ञान, आशा और आध्यात्मिक प्रकाश का प्रतीक माना जाता है। इसी विश्वास के साथ महिलाओं ने पूरी श्रद्धा और विधि-विधान से दीप प्रज्वलित किए।
हर वर्ष इसमें शामिल होकर मुझे नई सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है। -रेणुका रामासेशन, एमईए अपार्टमेंट
40 साल से दीप पूजा कर रही हूं। इससे मुझे आध्यात्मिक संतुलन मिलता है। -नीला राजेंद्रन, विनायका बीएचईएल अपार्टमेंट
जब सभी महिलाएं एक साथ दीप जलाकर प्रार्थना करती हैं तो माहौल भक्तिमय हो जाता है। -प्रिया राजू अय्यर, शरद कुंज
धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराएं हमारी पहचान हैं। इनसे नई पीढ़ी को जोड़ना जरूरी है। -गायत्री वेंकटरमण, ओवरसीज अपार्टमेंट