- प्लॉट दिखाने को कहा तो टालमटोल करने लगे आरोपी
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। यमुना एक्सप्रेस-वे के पास प्लॉट दिलाने के नाम पर ठगी करने कगे मामले में कोतवाली फेज वन पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। आरोपियों ने सेक्टर-2 में ऑफिस खोल रखा था। यहीं से लोगों को कम कीमत पर प्लॉट दिलाने का झांसा देकर ठगी करते थे।
देहरादून निवासी इन्द्रदेव भट्ट ने बताया कि सितंबर 2024 में सेक्टर-2 नोएडा में अर्बनेस्ट नाम की कंपनी की कैनोपी लगी थी। वहां मौजूद कर्मचारियों ने बताया कि कंपनी यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के क्षेत्र में विकसित आवासीय प्लॉट बेच रही है। बाद में तथाकथित कंपनी के कर्मी अनिल कुमार समेत अन्य लोगों ने उन्हें कंपनी के सेक्टर-2 स्थित ऑफिस बुलाया, जहां उनकी मुलाकात कंपनी मालिक हुकुम सिंह, सिद्धांत वार्ष्णेय से हुई। इसके बाद उन्होंने यमुना प्राधिकरण का नक्शा दिखाकर प्लॉट देने का आश्वासन दिया।
पीड़ित के अनुसार उन्होंने यमुना एक्सप्रेस-वे के फलेंदा बांगर क्षेत्र में विकसित प्लॉट के लिए अक्तूबर 2024 को 21 हजार 500 रुपये का टोकन दिया था। इसके बाद कई बार में उन्होंने चेक और कैश के जरिए करीब 25 लाख का भुगतान किया। जब उन्होंने मौके पर प्लॉट दिखाने की मांग की तो आरोपी टालमटोल करने लगे। शक होने पर पीड़ित ने जमीन की जांच की तो पता चला कि वह जमीन आबादी क्षेत्र में नहीं बल्कि डूब क्षेत्र की है।
पीड़ित के अनुसार, इसी गिरोह ने नोएडा सेक्टर-128 निवासी हरजोत सिंह कोहली से करीब 11 लाख रुपये और फरीदाबाद निवासी चतुर्भुज कुशवाहा से करीब 6 लाख रुपये की ठगी की थी। पीड़ित के अनुसार, आरोपियों ने इसी तरह करीब 400 लोगों से 40 करोड़ से अधिक की ठगी की है। उधर, कोतवाली प्रभारी अमित मान ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। और मामले की जांच की जा रही है।