-इलाके के विकास को मिलेगी गति, उजीना में कट के लिए 14 करोड़ मंजूर, लंबे समय से की जा रही थी मांग
शेरसिंह डागर
नूंह। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे मेवात के विकास की तस्वीर बदलने जा रहा है। क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग को आखिरकार मंजूरी मिल गई है। उजीना गांव के पास एक्सप्रेसवे पर कट (चढ़ाव) बनाया जाएगा। इसके लिए 14 करोड़ रुपये की राशि मंजूर कर दी गई है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर उजीना गांव सहित आसपास के लोगों ने सांसद राव इंद्रजीत सिंह का आभार व्यक्त किया है, जिनके प्रयासों से यह योजना साकार होने की दिशा में आगे बढ़ी है।
हरियाणा समेत कई राज्यों को जोड़ने वाला दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे मेवात के लिए विकास का मजबूत आधार बनेगा। इस नए कट के बनने से न केवल नूंह जिला बल्कि पड़ोसी पलवल जिला भी सीधे तौर पर लाभान्वित होगा, क्योंकि इस कट से पलवल जिले की सीमा महज 10 से 20 किलोमीटर की दूरी पर है। मिंडकोला गांव के पास पहले से बने कट के बाद उजीना में प्रस्तावित कट क्षेत्र के लिए एक और बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया से आवश्यक बातचीत भी पूरी कर ली गई है। सूत्रों ने बताया है इसके लिए राशि को मंजूरी मिल गई है।
गौरतलब है कि दिल्ली-मुंबई ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का पहला चरण गुरुग्राम के सोहना से राजस्थान के दौसा जिले के बड़ का पाड़ा तक चालू किया गया है। यह एक्सप्रेसवे हरियाणा के गुरुग्राम, नूंह और पलवल जिले से होकर गुजरता है और आगे राजस्थान, मध्यप्रदेश व गुजरात तक जाता है। नूंह जिले के 47 गांवों के बीच से निकले इस एक्सप्रेसवे से किसानों को भारी मुआवजा मिला है, वहीं भविष्य में यहां बड़े औद्योगिक हब विकसित किए जाने की संभावनाएं भी प्रबल हुई हैं। करीब 1380 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे का निर्माण वर्ष 2019 में शुरू हुआ था, जो भारतमाला परियोजना के तहत NHAI की देखरेख में आठ लेन का बनाया जा रहा है। वर्तमान में यह राजस्थान के दौसा जिले तक पूरी तरह तैयार किया जा चुका है।
कहां से गुजरा है एक्सप्रेसवे
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे नूंह जिले के इंडरी, नूंह, नगीना और फिरोजपुर झिरका खंड के अंतर्गत आने वाले करीब 47 गांवों से होकर गुजरता है। इनमें नूंह व इंडरी तहसील के 15 गांव, फिरोजपुर झिरका तहसील के 20 गांव तथा नगीना उपतहसील के 12 गांव शामिल हैं। इसके अलावा यह एक्सप्रेसवे हरियाणा के तीन, राजस्थान के सात, मध्यप्रदेश के तीन और गुजरात के तीन जिलों समेत कुल 16 जिलों से होकर निकाला जा रहा है।
ये हैं विकास की संभावनाएं :
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे मेवात के लिए विकास की नई इबारत लिख रहा है। उजीना, फिरोजपुर झिरका और मिंडकोला क्षेत्र में पहले से ही वेयरहाउस और विभिन्न उद्योगों की शुरुआत हो चुकी है। मिंडकोला गांव के पास जहां केएमपी एक्सप्रेसवे, फरीदाबाद हाईवे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का संगम होता है, वहां कट बनने से विकास की रफ्तार और तेज हुई है।अब उजीना में प्रस्तावित कट बनने से क्षेत्र में उद्योग-धंधों, वेयरहाउस, लॉजिस्टिक हब और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। यहां कई नामचीन कंपनी शुरू भी हो चुकी हैं।आवागमन सुगम होने से व्यापारिक गतिविधियों को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
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सांसद राव इंद्रजीत का जताया आभार
इस संदर्भ में उजीना गांव के निवासी एवं हरियाणा के पूर्व खेल मंत्री कंवर संजय सिंह भी केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मिले थे और उन्होंने भी इसके लिए पुरजोर पैरवी की है। उजीना निवासी समाजसेवी मुनेश फौजी व समस्त ग्रामीणों ने सांसद राव इंद्रजीत सिंह का आभार भी जताया है।
उजीना गांव में कट बनाए जाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के आदेश दिए जा चुके हैं और इस संदर्भ में संबंधित मंत्री नितिन गडकरी से बातचीत व पत्राचार हुआ है। एनएचएआई के अधिकारियों से इस संबंध में समन्वय स्थापित कर प्रक्रिया को अंजाम दिया जा रहा है। यह मेवात के साथ-साथ पलवल जिले के विकास को भी नई गति देगा।
राव इंद्रजीत सिंह, स्थानीय सांसद एवं केंद्रीय राज्यमंत्री।