चाइल्ड पीजीआई में ब्लड कैंसर से ठीक हुआ बच्चा। अमर उजाला
नोएडा। सेक्टर-30 स्थित चाइल्ड पीजीआई में ब्लड कैंसर से ग्रसित बच्चे को नई जिंदगी मिली है। मरीज को भर्ती कर बोन मैरो ट्रांसप्लांट किया गया था। अब बच्चे को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
डॉक्टरों के मुताबिक, 13 वर्षीय बच्चे में 15 वर्षीय भाई से बोन मैरो लेकर ट्रांसप्लांट किया गया। ब्लड से स्टेम सेल निकलने का कार्य ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग की डॉ. सीमा दुआ व डॉ. सत्यम अरोड़ा ने किया। पीडियाट्रिक हेमेटोलॉजी ऑन्कोलॉजी की विभागाध्यक्ष डॉ. नीता राधाकृष्णन ने बताया कि अस्पताल में हर वर्ष ब्लड कैंसर के 120 से ज्यादा नए मरीज आते हैं। निजी अस्पतालों में कैंसर का इलाज बेहद मंहगा और जटिल है, लेकिन चाइल्ड पीजीआई में सरकारी योजनाओं जैसे सीएम रिलीफ फंड, प्रधानमंत्री जन कल्याणकारी योजना आदि के तहत इलाज होता है। वहीं, कीमोथैरेपी, बोन मैरो थेरेपी जैसी खर्चीली प्रक्रियाओं में कुछ संस्थाओं की ओर से सहयोग दिया जाता है।
वहीं, संस्थान के निदेशक प्रो. अजय सिंह ने बताया कि अस्पताल में उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, बिहार, छत्तीसगढ़ सहित देशभर से रेफर मरीज आ रहे हैं। इनका इलाज किया जा रहा है। 13 वर्षीय बच्चे को बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए दिल्ली के एक अस्पताल से रेफर किया गया था। मरीज अब स्वस्थ है। परिवार ने अस्पताल की अच्छी सुविधाओं के लिए चिकित्सकों, स्टाफ और प्रशासन की सराहना की है।