संवाद न्यूज एजेंसी
दादरी। कंपनी में साझेदारी करके हेरा-फेरी के मामले में न्यायालय के आदेश पर महिला समेत छह लोगों के खिलाफ दादरी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज हुई है। अभी तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
डाबरा निवासी रविंद्र ने आरोप लगाया है कि उन्हें ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से जमीन का मुआवजा मिला था। नेहा वशिष्ठ व उनके पति कुबेर वशिष्ठ का उनके यहां पहले से आना-जाना था। दोनों ने मुआवजे की धनराशि से कंपनी बनाकर कारोबार करने का ऑफर दिया। लाभ के रूप में आधा-आधा बांटना तय हुआ। कंपनी में सारा पैसा उनका लगाया गया। कंपनी के काम की देख-रेख व संचालन नेहा व उसके पति का रहेगा। दोनों की सहमति से धोबी क्लीनिक के नाम से कंपनी बनाकर काम शुरू कर दिया।
कुछ दिनों के बाद उन्होंने अपने लाभ की राशि मांगी तो कोई ना कोई बहाना बनाकर टरकाने लगे। क्षेत्र के लोगों के बीच समझौते किया गया। समझौते के अनुसार, आरोपियों ने उन्हें लाभ के 3.35 लाख वापस नहीं किए। आरोप है कि इस बीच धोखाधड़ी कर अपने नाम से दूसरी कंपनी बना ली। उसमें उन्हें साझेदारी नहीं दी।
उन्होंने पूर्व कंपनी में लगाए अपने 24 लाख वापस मांगें तो जान से मारने की धमकी दी। 26 जुलाई को उन पर जान लेवा हमला करा दिया जिसमें उनके सिर, चेहरे और आंख पर गंभीर चोटें आईं। उनका उपचार आज भी चल रहा है। पीड़ित ने घटना की शिकायत पुलिस से की। न्यायालय के आदेश पर नेहा वशिष्ठ, कुबेर वशिष्ठ, उपेंद्र उर्फ बंटी, राजू, विनय चौटाला, चंदेशर के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है।