- तीन एफडीआरसी में 1014 शिकायतें मिलीं, 906 का निस्तारण, 108 मामले मध्यस्थता में
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। गौतमबुद्धनगर पुलिस पारिवारिक और वैवाहिक विवादों को बातचीत और काउंसलिंग के माध्यम से सुलझाने का प्रयास कर रही है। पुलिस के अनुसार, 1 जनवरी 2025 से 31 अगस्त 2026 तक कमिश्नरेट के तीन फैमिली डिस्प्यूट रिजॉल्यूशन क्लीनिक (एफडीआरसी) और महिला सहायता प्रकोष्ठ के माध्यम से 1014 प्रार्थना पत्रों पर कार्रवाई की गई। इनमें 906 मामलों का निस्तारण हो चुका है, जबकि 108 मामले मध्यस्थता के स्तर पर हैं। निस्तारित मामलों में 57 में ही प्राथमिकी दर्ज हुई। पुलिस के मुताबिक, 94.38 फीसदी मामलों का समाधान काउंसलिंग और मध्यस्थता से हुआ।
सेक्टर-108 स्थित महिला सहायता प्रकोष्ठ/एफडीआरसी में 450 प्रार्थना पत्र आए। इनमें 406 का निस्तारण और 44 मामले मीडिएशन में हैं। निस्तारित मामलों में 32 में एफआईआर दर्ज हुई। एफडीआरसी नॉलेज पार्क में 296 प्रार्थना पत्र मिले, जिनमें 276 का निस्तारण हुआ और 20 मामले मीडिएशन में हैं। यहां 11 मामलों में एफआईआर हुई। चैरी काउंटी एफडीआरसी में 268 प्रार्थना पत्र मिले, जिनमें 224 का निस्तारण और 44 मामले मीडिएशन में हैं। इनमें 14 मामलों में अभियोग दर्ज हुआ।
पुलिस ने हाल का एक मामला भी साझा किया। वर्ष 2013 में विवाह के बाद दंपती के दो बेटे हुए। पत्नी ने पति अरुण पर शराब पीकर मारपीट और अतिरिक्त दहेज की मांग का आरोप लगाया था। मामला एफडीआरसी नॉलेज पार्क पहुंचा, जहां काउंसलरों ने दोनों पक्षों को अलग-अलग सुनकर समस्याएं समझीं और सकारात्मक परामर्श दिया। लगातार काउंसलिंग के बाद अरुण ने शराब छोड़ने के लिए उपचार लेने का निर्णय लिया। अंतिम सत्र में दोनों साथ रहने पर सहमत हो गए।
अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था राजीव नारायण मिश्र ने बताया कि यह व्यवस्था परिवारों को टूटने से बचाने और बच्चों को सुरक्षित माहौल देने के उद्देश्य से काम कर रही है।