बजट के अभाव में नहीं बन पा रहे ग्राम सचिवालय
फिरोजपुर झिरका। प्रदेश सरकार की ग्रामीणों को गांव स्तर पर सरकारी योजनाओं का लाभ देने के लिए ग्राम सचिवालय बनाने की योजना चार साल बाद भी धरातल पर पूरी तरह नहीं उतर पाई है। खंड के 36 गांव ग्राम सचिवालय से वंचित हैं।
प्रदेश सरकार ने दूरदराज के गांवों के ग्रामीणों को राहत प्रदान करते हुए हर गांव में ग्राम सचिवालय शुरू करने की योजना बनाई थी।
गांव के लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए काफी दूर जाना पड़ता है। फिरोजपुर झिरका खंड में 48 ग्राम पंचायत हैं जिनमें से 12 पंचायतों ने अपने स्तर पर पुराने भवनों का नवीनीकरण कर इसे ग्राम सचिवालय का रूप दिया है। इनमें भी अधिकारी कम ही पहुंच पाते हैं। 36 ग्राम पंचायत ग्राम सचिवालय शुरू करने से वंचित हैं। कई सरपंचों ने कहा कि गांव में शुरू होने वाले ग्राम सचिवालय के लिए अलग से बजट देना चाहिए, अधिकरियों को गांव में पहुंच कर ग्रामीणों की शिकायत सुनने व निराकरण की सख्त हिदायत होनी चाहिए।
इस संबंध में फिरोजपुर झिरका खंड विकास पंचायत अधिकारी मोहन लाल ने कहा कि गांव में ग्राम सचिवालय शुरू करने के लिए सरकार की ओर से अलग से बजट नहीं दिया गया है। जिन गांवों में ग्राम सचिवालय शुरू किए गए हैं उन पंचायतों ने अपने स्तर पर बजट तय कर ग्राम सचिवालय बनाए हैं। उन्होंने कहा कि बजट के अभाव में आज भी 36 गांवों में ग्राम सचिवालय शुरू नहीं हो पा रहे हैं।