8200 किलो मावा का स्टॉक मिला, अफसरों ने सूंघकर पास कर दिया
- प्रशासन व खाद्य विभाग की टीम ने छापा मारा तो बर्फखाने में 8200 किलो मावा का स्टॉक मिला, केवल सैंपल लिया
- बर्फ खाना संचालक ने काठा गांव की मिठाई दुकान मालिक का नाम लिखकर दिया मगर बाद में कागज कर दिए गए गायब
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। शहर में दिल्ली मार्ग पर बर्फखाने में शुक्रवार को एसडीएम अमरचंद वर्मा व मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजेश गुप्ता ने टीम के साथ छापा मारा तो वहां 8200 किलो मावा का स्टॉक मिला। यह मावा काठा गांव में मिठाई की दुकान के मालिक ने बर्फी बनाने के लिए पांच दिन पहले लाकर रखा था। वहां सबसे बड़ी चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने सूंघकर ही मावा सही बता दिया। अफसरों ने बर्फखाना मालिक को नोटिस देकर कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति कर दी।
दिल्ली मार्ग स्थित नईमुदीन के बर्फखाने में पांच दिन पहले 8200 किलो मावा का स्टॉक लगाया गया था और वहां मावा बर्फ के बीच में रखा गया था। वहां शुक्रवार दोपहर को एसडीएम अमरचंद वर्मा, तहसीलदार अभिषेक सिंह, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजेश गुप्ता ने टीम के साथ छापा मारा। वहां 164 डिब्बों में 50-50 किलो मावा का स्टॉक मिला। अधिकारियों के पूछताछ करने पर बर्फखाना मालिक नईमुदीन ने बताया कि यह मावा पांच दिन पहले लाकर रखा गया था। यह शुक्रवार की देर रात को काठा में मिठाई की दुकान पर जाना था।
दिवाली के त्योहार को देखते हुए यह स्टॉक लगा था। बर्फखाना मालिक ने अफसरों को लिखित में दिया कि यह मावा किसका है। उस समय मावा सूंघकर एसडीएम व तहसीलदार ने खुद बदबूदार बताया। इसके बाद शाम होने तक वह कागज गायब हो गया जिसमें बर्फखाना मालिक ने उस दुकान मालिक का नाम लिखकर दिया था जहां मावा पहुंचना था। इसके अलावा खाद्य सुरक्षा विभाग के सहायक आयुक्त दीपक कुमार ने कहा कि मावा को टीम में शामिल अधिकारियों ने सूंघकर देखा तो वह ठीक लग रहा था। इसलिए उसको नष्ट नहीं कराया गया और उसे वहां छोड़ दिया गया।
उन्होंने कहा कि मावा का सैंपल लिया गया है जो जांच के लिए लैब भेजा जाएगा। वहां से जिस तरह की रिपोर्ट आएगी, उसके आधार पर कार्रवाई होगी। उन्होंने यहां तक दावा किया कि मावा का सैंपल जरूर पास हो जाएगा। बर्फखाना मालिक नईमुदीन को केवल नोटिस देकर लाइसेंस निलंबन की चेतावनी दी गई।
1200 किलो मावा किस आधार पर किया नष्ट
खाद्य सुरक्षा विभाग का दोहरा रवैया होने पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। धनौरा सिल्वरनगर गांव में खाद्य विभाग की टीम ने पिछले सप्ताह मावा मिलने पर सैंपल लिया और रिपोर्ट आने से पहले ही 1000 किलो मावा को खराब बताते हुए नष्ट करा दिया। इसके बाद शामली से दिल्ली जा रही गाड़ी में दो सौ किलो मावा मिलने पर उसे सैंपल लेकर नष्ट करा दिया था। इसके अलावा पहले भी मावा को टीम लगातार नष्ट कराती रही है।
मैंने पहली बार ऐसा देखा है कि खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने सूंघकर यह बता दिया कि मावा ठीक है। इसमें उनके स्तर से कार्रवाई होती है। अमरचंद वर्मा, एसडीएम बागपत
मुझे यह बताया गया था कि 8200 किलो मावा का स्टॉक मिला है। उसके बाद यह नहीं बताया गया कि उसे सूंघकर सही बता दिया गया। ऐसा कैसे किया गया है, इसकी जांच कराई जाएगी। पंकज वर्मा, एडीएम