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ऑनलाइन सुविधा के बाद भी लंबी लाइन

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ऑनलाइन सुविधा के बाद भी लंबी लाइन
- परिवहन विभाग की सभी सेवाएं ऑनलाइन, फिर भी कार्यालय के धक्के खा रहे लोग
- रोजाना वापस लौटाए जा रहे आवेदक, कई तकनीकी दिक्कतों से बढ़ी परेशानी
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। परिवहन विभाग ने अपनी सभी सेवाओं को ऑनलाइन कर दिया है, लेकिन संभागीय परिवहन कार्यालय में लोगों की लाइन अब भी लग रही है। दरअसल, अधूरी तैयारियों के साथ शुरू की गई सेवाओं ने आवेदकों की परेशानी बढ़ा दी है। ऑनलाइन प्रक्रिया की जानकारी रखने वाले सर्वर की समस्या से परेशान हैं। जिन्हें ऑनलाइन आवेदन करना नहीं आता, उन्हें वापस लौटाया जा रहा है।
दरअसल, 16 अगस्त से परिवहन विभाग ने अपनी 16 सेवाओं को ऑनलाइन कर दिया है। रोड टैक्स जमा करने से लेकर डुप्लीकेट आरसी, वाहन पंजीकरण का नवीनीकरण, फिटनेस प्रमाण पत्र सहित सभी कार्यों के लिए ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके लिए फीस भी ऑनलाइन ही भरनी होगी। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि धीरे-धीरे लोगों को ऑनलाइन आवेदन की आदत पड़ जाएगी। वहीं, आवेदन के लिए आने वाले लोगों का कहना है कि इससे परेशानी बढ़ गई है।
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सोमवार को डुप्लीकेट आरसी के लिए आवेदन करने पहुंचे दादरी निवासी समय सिंह को घंटों इंतजार कराने के बाद वापस लौटा दिया गया। समय सिंह ने बताया कि ऑनलाइन आवेदन करना नहीं आता तो क्या कोई काम नहीं होगा। इसी तरह एक बस ऑपरेटर अपनी 45 बसों का ऑनलाइन टैक्स जमा न होने की शिकायत लेकर पहुंचा। ऑपरेटर का कहना था कि तकनीकी खामियों के चलते ऑनलाइन टैक्स जमा नहीं हो पा रहा है। ऐसे में उसका कामकाज प्रभावित हो रहा है।
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- सुविधा केंद्रों का अता-पता नहीं
आवेदकों की सुविधा के लिए परिवहन विभाग ने जन सुविधा केंद्र पर 20 रुपये देकर आवेदन की फीस निर्धारित की है। लेकिन सुविधा केंद्र है कहां, इसकी जानकारी परिवहन विभाग के अधिकारी भी नहीं दे पाए। संभागीय परिवहन कार्यालय में भी ऐसी कोई सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई है।
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- राजस्व पर पड़ रहा असर
ऑनलाइन आवेदन की जानकारी के अभाव और तकनीकी खामियों की वजह से रोजाना सैकड़ों लोगों को वापस लौटाया जा रहा है। इसका असर राजस्व पर भी दिखाई देने लगा है। अधिकारियों के मुताबिक ऑनलाइन प्रक्रिया से पहले रोजाना करीब 1 करोड़ रुपया राजस्व आता था जो इन दिनों घटकर 60 से 70 लाख रुपये हो गया है।
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नई प्रक्रिया शुरू होने से परेशानी तो होती ही है। यह परेशानी भी कुछ दिन में दूर हो जाएगी। लोगों को आदत पड़ जाएगी। ऑनलाइन आवेदन से संबंधित समस्याओं को लेकर काफी लोग हमारे पास आ रहे हैं।
- एके पांडेय, एआरटीओ (प्रशासन)
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