इन सभी चीजों को देखते हुए जिला अस्पताल में महिला रोग विशेषज्ञ के पास आने वाली महिलाओं को पूर्व नियोजित गर्भधारण जागरूक किया जा रहा है, ताकि जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ रहें। जिला अस्पताल की सीएमएस व महिला रोग विशेषज्ञ डॉ अजय राणा कहती हैं कि प्रेग्नेंसी की योजना बनाना उतना ही जरूरी है जितना बच्चे के भविष्य की योजना बनाना। यह केवल मां बल्कि शिशु के लिए भी सुरक्षित शुरुआत की दिशा में पहला कदम है। महिला ओपीडी में आने वाली हर महिला को काउंसलिंग के दौरान बताया जाता है कि गर्भधारण की योजना बनाने से पहले अस्पताल आकर डॉक्टर से परामर्श लें। डॉक्टर कुछ जरूरी सप्लीमेंट्स लिखते हैं, जो मां और बच्चे दोनों के लिए लाभकारी होते हैं।
जन्मजात दोष का खतरा हो जाता है कम
भंगेल के सामुदायिक स्वास्थ्य की महिला रोग विशेषज्ञ डॉ मीरा पाठक बताती हैं कि गर्भवती होने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है ताकि स्वस्थ गर्भावस्था हो सके। जो महिला गर्भधारण करना चाहती हैं, उन्हें सबसे पहले महिला रोग विशेषज्ञ से मिलना चाहिए। वह कहती हैं, यदि कोई टेस्ट में कमी पाई जाती है तो उसे दूर किया जा सके और गर्भावस्था की राह आसान हो सके।
फोलिक एसिड की गोली जरूरी
फोलिक एसिड की गोली लेना बेहद जरूरी है। यदि इसे गर्भधारण से तीन महीने पहले लेना शुरू किया जाए, तो बच्चे में जन्मजात दोष, विशेषकर स्पाइनल कॉर्ड और मस्तिष्क (ब्रेन) के दोष का खतरा कम किया जा जाता है। साथ ही, ओमेगा फैटी एसिड, जिंक और अन्य सप्लीमेंट लेने से अंडाणु की गुणवत्ता भी बेहतर होती है।
स्वस्थ जीवन शैली भी आवश्यक
डॉ. पाठक आगे कहती हैं कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाना आवश्यक है। स्मोकिंग और शराब का सेवन करीब तीन महीने पहले छोड़ दें। कैफीन की मात्रा दिन में 200 मिलीग्राम से अधिक न लें। जंक फूड कम खाएं और ताजा फल-सब्जियां अधिक लें। साथ ही नियमित मेडिटेशन से मानसिक तनाव कम किया जा सकता है।
प्रेग्नेंसी प्लानिंग के फायदे
-बहुत हद तक जन्मजात बीमारियों को रोकने में मदद करता है।
-मां का वजन, ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर नियंत्रण में रहता है।
-मानसिक रूप से मां बनने के लिए तैयार रहना तनाव कम करता है।
-दवाइयों और मेडिकल कंडीशन को समय पर नियंत्रित किया जा सकता है।
बिना योजना के गर्भधारण के कारण
- परिवार नियोजन की जानकारी की कमी
-सामाजिक दबाव और शर्म
-आधुनिक गर्भनिरोधक उपायों की उपलब्धता और जागरूकता की कमी
-स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित पहुंच