पुन्हाना। इस साल जिले में अधिक बारिश होने से किसानों को काफी नुकसान हो रहा है। जिले के एक दर्जन से अधिक गांवों के खेतों में बारिश का पानी भर गया है। इस कारण ज्वार, बाजरा और धान की फसल खराब हो रही है। किसानों को फसल पर 50 से 80 फीसदी तक नुकसान होने की संभावना है। पुन्हाना खंड के गांव शाहचोखा में बारिश से धान की 80 एकड़ फसल बर्बाद हो गई है। गांव शाह चोखा, गुलालता और शिकरावा के दर्जन भर किसानों ने एसडीएम मनीषा शर्मा और सीएम विंडो के माध्यम से मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नाम शिकायत देकर खेतों में भरे पानी को निकालने की गुहार लगाई है।
गांव शाहचोखा के किसानों ने बताया कि उनके गांव मेें करीब 80 एकड़ धान की फसल में बारिश का पानी भर गया है। अब तो धान की बाली भी पानी में डूबने लगी है। धान सहित अन्य फसलों को करीब 50 से 80 फीसदी नुकसान हो सकता है। किसानों ने बताया कि गांव के हाजी आजम की सात एकड़, अख्तर की तीन, जाहुल की आठ, इमरान की पांच, हाजी हमीद की सात, अब्दुल गफ्फार की आठ, हफीज की आठ, नसरू, उमर, रफीक की चार-चार और यासीन की दो एकड़ फसल में पानी भरा है।
किसानों का कहना है कि उनकी खरीफ की फसल तो नष्ट हो गई है। अगर जल्द ही उनके खेतों से बरसाती पानी नहीं निकाला गया तो रबी की फसल की भी बुवाई नहीं हो सकेगी। किसानों ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि खेतों से जल्द से जल्द पानी निकाला जाए।
वहीं, कृषि विभाग के एसडीओ अजीत सिंह ने बताया कि नूंह जिले में करीब पांच हजार हेक्टेयर में धान की बिजाई की गई थी। फिलहाल, फसल पककर तैयार है। अभी फसल में कितना नुकसान हुआ है, इस बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। जिला उपायुक्त कैप्टन शक्ति सिंह ने बताया कि जिन गांवों में बारिश का पानी भरा है, उनके खेतों से पानी निकालने के लिए पंप सेट लगा रखे हैं।