फरीदाबाद। (रणजीत मिश्रा) जिले में पुलिस के समानांतर ड्यूटी कर ट्रैफिक की व्यवस्था को संभालने वाले होमगार्ड विभाग में भर्ती के नाम पर बड़ा घोटाला सामने आया है। यह घोटाला लॉकडाउन के दौरान किया गया। लॉकडाउन में जिस समय पूरी व्यवस्था व जिंदगी स्थिर हो गई थी, उसी समय होमगार्ड विभाग में रिश्वत लेकर भर्ती कर घोटाले का यह खेल हुआ। जिला होमगार्ड वेलफेयर एसोसिएशन ने भी इस मामले को अब शासन स्तर पर उठाया है।
पिछले दिनों प्रदेश स्तर पर होमगार्ड्स भर्ती घोटाले का मामला सामने आया था। जनवरी से अगस्त के बीच करीब 216 नए होमगार्ड की भर्ती मुख्यालय के निर्देश के बिना ही कर दी गई। इनमें 76 फरीदाबाद जिले के हैं। लॉकडाउन समाप्त होने पर अनलॉक के दौरान जब शहर के चौराहों पर ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के लिए नए चेहरे सामने आए तो विभाग में हुए भर्ती घोटाले की चर्चा निकल कर बाहर आने लगी। इसके बाद इस मामलमे को होमगार्ड वेलफेयर एसोसिएशन ने पुरजोर तरीके से प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर उठाना शुरू कर दिया है।
जिलाध्यक्ष जिला होमगार्ड वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष चंदर सिंह ने बताया कि प्रदेश में 2016 के बाद होमगार्ड के भर्ती पर रोक लगा दी गई थी। इसके बाद भी मार्च 2020 से अगस्त 2020 के बीच 216 नए होमगार्ड की भर्ती कर ली गई। इन्हें फरीदाबाद, पलवल, नूंह, मेवात व गुरुग्राम समेत अन्य जिलों में तैनाती भी दे दी गई। इससे इतर जो होमगार्ड अभी तक ड्यूटी कर रहे थे, उन्हें 58 साल से ज्यादा की उम्र का हवाला देकर घर बैठा दिया गया। जिलाध्यक्ष ने बताया कि फरीदाबाद जिले में सबसे ज्यादा 76 होमगार्ड की सेवा समाप्त कर दी गईं। इसके बदले में उसकी बेल्ट नंबर के आधार पर नए लोगों को ड्यूटी बांट दी गई।
नियम विपरीत होमगार्ड की भर्ती करके जमकर रिश्वत ली गई है। जिसका वीडियो भी वायरल हुआ है। सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो में होमागर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी खुलेआम रिश्वत के पैसे लेते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसके लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल के साथ ही गृहमंत्री अनिल विज से भी शिकायत की गई है। मामले को ऐसे ही नहीं दबने दिया जाएगा। भ्रष्ट अधिकारियों की पोल खोल के लिए प्रदेश स्तर पर रणनीति बनाई जा रही है। कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाना पड़ा तो पीछे नहीं हटेंगे। - चंदर सिंह, जिलाध्यक्ष जिला होमगार्ड वेलफेयर एसोसिएशन।