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रोडवेज बस बनी जिला अस्पताल की एंबुलेंस

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बस जैसा हो गया है एंबुलेंस का हाल
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भरने तक नहीं चलती, मरीजों को करना पड़ रहा 40-45 मिनट इंतजार
- चालक करते हैं जिला अस्पताल से अन्य मरीजों के रेफर होने की प्रतीक्षा
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। जिला अस्पताल की एंबुलेंस रोडवेज बस बन गई है। पूरी भरने तक यह चलती ही नहीं। दूसरे अस्पताल जाने के लिए मरीजों को 40 से 45 मिनट तक इंतजार करना पड़ रहा है। मंगलवार इसे लेकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। वे एंबुलेंस से बाहर आकर खड़े हो गए। एंबुलेंस में दो मरीज प्लेटलेट्स डाउन और एक दिल की बीमारी का था। उसे सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। मरीजों को भी एंबुलेंस भरने का इंतजार करना पड़ा।
जिला अस्पताल के मेडिसिन वार्ड और इमरजेंसी से बड़ी संख्या में मरीजों को रेफर किया जाता है। अधिकतर को दिल्ली रेफर किया जाता है। एंबुलेंस चालकों को बार-बार दिल्ली के चक्कर न काटने पड़ें, इसलिए वे एक साथ ही मरीजों को लेकर जाते हैं। मंगलवार को गुस्साए लोगों ने कहा कि उनके मरीज की हालत खराब है और एंबुलेंस चालक अन्य रोगियों के रेफर होने का इंतजार कर रहा है। ऐसे में मरीज के साथ कुछ भी अनहोनी हो सकती है। एंबुलेंस में दिल की बीमारी के मरीज को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। एक बच्ची की प्लेटलेट्स तो 26 हजार तक पहुंच गई थी। एक और बच्ची की प्लेटलेट्स 55 हजार थी। इनके परिवारवाले भी एंबुलेंस में बैठे थे। एंबुलेंस में भीड़ इतनी थी कि मरीज लेट भी नहीं पा रहे थे।
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सीएमएस डॉक्टर अजेय अग्रवाल ने कहा कि पहले की तुलना में रेफर होने वाले मरीजों का आंकड़ा कम हुआ है। थोड़ी भी प्लेटलेट्स डाउन होने पर डॉक्टर मरीज को रेफर कर दे रहा है। इस मामले में डॉक्टरों के साथ बैठक हुई है। उनसे कहा गया है कि केवल गंभीर मरीजों को ही रेफर किया जाए। इस मामले में एंबुलेंस चालकों से भी बात की जाएगी कि गंभीर मरीजों को तुरंत लेकर जाएं।
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