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कारपोरेट कार्यालयों पर 600 करोड़ बकाया, आवंटन हो सकता है निरस्त

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कारपोरेट कार्यालयों पर 600 करोड़ बकाया, आवंटन हो सकता है निरस्त
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नोएडा। प्राधिकरण ने संस्थागत विभाग के अंतर्गत कारपोरेट कार्यालयों के बड़े बकायेदारों के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में 62 बड़े बकायेदारों की सूची निकाली गई है और इन्हें बकाया चुकाने का नोटिस दिया गया है। इनमें से 80 प्रतिशत आवंटियों को कई बार नोटिस देने की वजह से इसे अंतिम नोटिस माना जा रहा है और इसके बाद आवंटन निरस्त होने की कार्रवाई होगी।
दरअसल, नोएडा प्राधिकरण की ओर से सभी विभागों के बड़े बकायेदारों को खंगालना शुरू किया गया है। इसमें संस्थागत विभाग के बड़े बकायेदारों की एक सूची बनाई गई है। इसमें एक करोड़ से अधिक के बकायेदारों को शामिल किया गया है। आलम यह है कि सूची में 100 करोड़ से अधिक के बकायेदारों को शामिल किया गया है। संस्थागत विभाग के अंतर्गत 62 बड़े बकायेदारों में से 5 के आवंटन पहले ही निरस्त हो चुके हैं या निरस्तीकरण की प्रक्रिया में है। ऐसे आवंटियों से बकाये की वसूली का प्रयास प्राधिकरण कर रहा है, ताकि राजस्व में बढ़ोतरी की जा सके।
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तीन नोटिस के बाद आवंटन होगा निरस्त
ऐसे आवंटी जिनको अभी तक तीन बार नोटिस नहीं दिया गया है। उनसे नियमों के तहत नोटिस देकर पूछताछ की जाएगी। अगर तीन नोटिस देने तक वह बकाया पैसे नहीं चुकाते हैं तो उनका आवंटन निरस्त कर दिया जाएगा।
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कई तरह के हैं बकाये
प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक, इन पर कई तरह के बकाये हैं, जिनकी वसूली की जा रही है। बकायों में लीज रेंट, प्रीमियम, किराया सहित अन्य मुद्दे शामिल हैं।
यह हैं बड़े बकायेदार
यूनिटेक हाईटेक प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड : 153.51 करोड़
आनंद इंफोएज प्राइवेट लिमिटेड : 126.33 करोड़
आईवीआर प्राइम आईटी एसईजेड प्राइवेट लिमिटेड : 110.72 करोड़
धूमकेतु बिल्डर्स एंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड : 39.42 करोड़
सिफल इंफोटेक प्राइवेट लिमिटेड : 26.58 करोड़
श्रीनाथ इंफोटेक प्राइवेट लिमिटेड : 23.06 करोड़
बीएमएस आईटी इंस्टीट्यूट प्राइवेट लिमिटेड : 10.76 करोड़
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