रेवाड़ी जिले में डेंगू के मामलों की संख्या 200 पहुंच गई है, जिसमें शहर में सबसे अधिक 81 मरीज हैं। स्वास्थ्य विभाग की चेतावनियों और फॉगिंग के बावजूद नगर परिषद ने पर्याप्त कार्रवाई नहीं की है। प्रशासन ने नागरिकों से सतर्कता बरतने की अपील की है।
रेवाड़ी। जिले में वीरवार को डेंगू के 6 और मामले आने के बाद मरीजों की संख्या 200 पहुंच गई है। शहर में अब तक सर्वाधिक 81 डेंगू संक्रमित पाए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने नप के अधिकारियों को फॉगिंग कराने और आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता के लिए पहले ही अवगत कराया था लेकिन स्थिति पुरानी जैसी ही है। नगर परिषद की ओर से फॉगिंग को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई गई है। कई जगह डेंगू मच्छर के लार्वे भी पाए जा रहा हैं।
उप सिविल सर्जन एवं मलेरिया उन्मूलन नोडल अधिकारी डॉ. अमित यादव ने बताया कि सिविल सर्जन के निर्देशानुसार लगातार जांच और जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। डेंगू और मलेरिया के मामलों वाले हॉटस्पॉट क्षेत्रों में फॉगिंग भी कराई जा रही है।
मलेरिया इंस्पेक्टर बिरेंद्र सिंह ने नागरिकों से घर और आसपास सफाई बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ठहरे हुए पानी में काला तेल डालें, घर के बर्तन, कूलर और पानी की टंकियों की नियमित सफाई करें ताकि मच्छर का लार्वा न पनप सके। डेंगू और मलेरिया के लक्षण होने पर खून की जांच कराएं और डॉक्टर की सलाह पर ही दवा लें। इसके अलावा, पर्याप्त मात्रा में पेय पदार्थों का सेवन करें।