पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। अमर उजाला
नोएडा। विधानसभा चुनाव के दौरान योगी या अखिलेश की सरकार बनने और फिलहाल इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के मैचों पर सट्टा लगवाने वाले गिरोह के छह आरोपियों को पुलिस ने सेक्टर-10 से गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 7 लाख रुपये से अधिक रकम जब्त की गई है। इसमें तीन बैंकों में 5.50 लाख रुपये पुलिस ने फ्रीज कराए हैं। सभी आरोपी बुलंदशहर के निवासी हैं और तीन साल से सट्टा लगा रहे थे। आरोपी दुबई से एक लिंक मंगाते थे और लोगों को जोड़कर सट्टा लगाते थे। आरोपी 5वीं से 11वीं तक पढ़े हैं और आईपीएल में रोज करीब 10 लाख रुपये का सट्टा लगवा रहे थे।
एडीसीपी रणविजय सिंह के अनुसार, फेज-वन पुलिस को शुक्रवार रात सूचना मिली थी कि कुछ सट्टेबाज सेक्टर-10 में एकत्र हो रहे हैं। पुलिस ने मौके से बुलंदशहर निवासी अखिलेश पालीवाल, इमरान उर्फ नजीर, जावेद, मोहसिन, परवेज, ताहिर आदि को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से 1.64 लाख रुपये, एक लैपटॉप, 12 मोबाइल और कुछ रजिस्टर मिले हैं। इनमें सट्टे के बारे में सूचनाएं दर्ज हैं। आरोपियों ने अखिलेश की सरकार बनने पर 50 लाख व योगी की सरकार बनने के लिए 30 लाख रुपये का सट्टा लगाया था। आरोपियों ने ग्राहकों को फंटर के नाम से कोडवर्ड दिया था। एडीसीपी ने बताया कि एसीपी रजनीश वर्मा के नेतृत्व में हुई कार्रवाई को लेकर पुलिस टीम को 10 हजार रुपये पुरस्कार दिया जाएगा।
आईपीएल के हर चौके व छक्के पर 10 हजार का सट्टा
पुलिस के अनुसार, आईपीएल के मैचों में प्रत्येक चौके और छक्के पर 10 हजार रुपये का आरोपी सट्टा लगाते थे। कौन सी टीम खेलेगी और किस टीम की जीत होगी इस पर भी सट्टा लगाया जाता था।
ऐसे लगाते थे सट्टा
दुबई से एक लिंक मोबाइल पर मंगाया जाता था और फिर मोबाइल को म्यूट करके स्पीकर ऑन कर दिया जाता था। इससे मोबाइल पर हर बॉल की सूचना प्रसारित होती थी और किस बॉल पर चौका लगेगा या छक्का इस पर 10 हजार रुपये लगाए जाते थे, जबकि 6 ओवर में 55 या 56 रन बनेंगे इस पर भी सट्टा लगाया जाता था। पांच हजार से 50 हजार रुपये कम से कम सट्टा लगाया जाता था। साथ ही, हर रोज कम से कम 50 लोग सट्टा लगाते थे। आरोपी सट्टा खेलने के दौरान स्थान बदलते रहते थे।